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मुलायम के गढ़ में रेल में डाका,शौचालय में दुबकी पुलिस

Wed, 02 Apr 2014 04:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृह जनपद में सोमवार की रात सशस्त्र डकैतों ने इलाहाबाद से मेरठ जा रही संगम एक्सप्रेस को हाईजैक कर खूनी तांडव किया। सबसे व्यस्त दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर 50 मिनट तक  ट्रेन को रोककर डकैतों ने नक्सली अंदाज में आरक्षित बोगियों में 50 से अधिक यात्रियों को निशाना बनाया।
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अत्याधुनिक हथियारों से लैस एक दर्जन से अधिक डकैतों ने यात्रियों को मारपीट कर पांच लाख रुपये की संपति लूट ली। महिलाओं तक को नहीं बख्शा। उनके साथ अभद्र हरकतें करने के साथ ही उनके जेवरात नोंच लिए। एक युवती को ट्रेन से उतारने की कोशिश की। लोगों ने विरोध किया तो डकैतों ने दो डाक्टरों समेत तीन लोगों के सीने में गोलियां उतार दीं।

खास बात ये रही कि जितने डकैत ट्रेन में लूटपाट कर रहे थे उससे दोगुने ट्रेन के नीचे साथियों को बैकअप देने के लिए ट्रेन को घेरे खड़े थे। वारदात के वक्त जीआरपी स्कार्ट ट्रेन के शौचालय में दुबका रहा।
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डकैतों ने बरसाई गोलियां

गाड़ी संख्या 14163 अप संगम एक्सप्रेस कानपुर से चलने के बाद साढ़े 12 बजे रात में भरथना स्टेशन पहुंची। यहां से एक व्यक्ति जनरल में, जबकि दो लोग एस-2 बोगी में सवार हुए। भरथना से ट्रेन को चले पांच मिनट ही हुए थे कि खंभा संख्या 1140/1 के पास चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकने की कोशिश की गई।

ट्रेन की रफ्तार धीमी हुई लेकिन फिर चल पड़ी। महज दो मिनट बाद ही भरथना व इकदिल स्टेशन के बीच गांव सीपुरा (खंभा संख्या 1140/23) के पास चेन पुलिंग कर ट्रेन फिर रोकी गई। ट्रेन जैसे ही रुकी, एक दर्जन से अधिक हथियारों से लैस डकैत एस-2 बोगी में चढ़ आए। सभी के पास पिस्टल, देसी कट्टे, अधिया, रायफल, डंडे थे। डकैतों ने यात्रियों को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया और नकदी व जेवरात समेत, जिसके पास जो था, लूटने लगे।

ट्रेन में चीखपुकार मच गई। जिसने ना-नुकर की डकैतों ने उसे पीटकर बेदम कर दिया। महिलाएं और लड़कियां खास निशाने पर रहीं। उनसे अभद्रता के साथ ही जेवरात नोंच लिए। एक लड़की को ट्रेन से खींचकर नीचे उतारने की कोशिश की तो वह चीख पड़ी। यात्रियों को देखा नहीं गया तो उन्होंने विरोध किया। इस पर डकैतों ने यात्रियों पर गोलियां बरसा दीं।
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पैदल ही फरार हुए डकैत

दो डाक्टरों समेत तीन लोगों को गोलियां लगीं। इनमें मेरठ के लाला लाजपतराय मेडिकल कालेज के डा. शंकरलाल (27) पुत्र नन्हेलाल निवासी अतर्रा बांदा तथा मुज्जफरनगर निवासी डा. अरुण कुमार पुत्र ओमप्रकाश शामिल हैं। तीसरे घायल हरिओम (41) पुत्र महेंद्र पाल निवासी अहीरपाड़ा, खुर्जा, बुलंदशहर के सीने में गोली लगी है। इनकी हालत गंभीर है।

करीब 50 मिनट तक ट्रेन की तीन बोगियों एस-1, एस-2 व एस-3 में कहर बरपाने के बाद डकैत पैदल ही फरार हो गए। घटनास्थल पर ट्रेन 1.24 बजे तक खड़ी रही। रात 1.40 बजे पर इटावा पहुंचने पर तीनों गंभीर घायलों को सैफई मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। यात्रियों ने बताया कि जितने डकैत ट्रेन में थे, उससे दोगुना ट्रेन के नीचे अपने साथियों की सुरक्षा में लगे थे। वजह से अन्य बोगियों के यात्रियों की भागने की हिम्मत नहीं हुई। ट्रेन में कानपुर का स्कार्ट सवार था।

इनमें हेड कांस्टेबल अजय पाल, कांस्टेबल अहमद अली ओमवीर सिंह, रामनरेश शामिल थे। वारदात के वक्त चारों बाथरूम में छिप गए थे। सूचना पर एसएसपी इटावा दिनेश कुमार क्यूआरटी के साथ स्टेशन पहुंचे और यात्रियों से घटना की जानकारी की। तत्काल ही मौके पर कांबिंग भी कराई गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इटावा से ट्रेन सुबह 3.26 पर रवाना हुई। सुबह आईजी जीआरपी मुथा अशोक जैन, एसएसपी जीआरपी आगरा वजीह अहमद घटनास्थल पहुंचकर मौका मुआयना किया।
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