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डौंडियाखेड़ा कर रहा है नई सरकार का इंतजार

Tue, 22 Apr 2014 03:19 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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एक ऐसा गांव जहां एक संत के ख्वाब ने पूरे देश और सरकार को एक ऐसे रहस्यमयी खजाने के पीछे लगा दिया, जिसकी तलाश तो खूब हुई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली है।
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लेकिन उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में डौंडियाखेड़ा का ख्वाब आज भी टूटा नहीं है। चुनावी मौसम में यह गांव उम्मीद कर रहा है कि 16 मई के बाद बनने वाली नई सरकार और गहरी खुदाई करेगी।

दोबारा खुदाई करने की मांग

शोभन सरकार के खजाना गढ़े होने के दावे के बाद सोने की तलाश ने पूरी दुनिया की निगाहें अपनी तरफ खींच ली थीं, लेकिन करीब एक महीने बाद इस खुदाई को रोक दिया गया।

पीपली लाइव फिल्म की याद दिलाने वाला डौंडियाखेड़ा के प्रधान शिला सिहं ने कहा, "अगर नई सरकार को देश की साख और हमारे विश्वास की चिंता है, तो वो खुदाई की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की हमारी मांग पर जरूर गौर करेगी।"

अगली सरकार पर टिकी उम्मीदें

उन्होंने कहा, "जब तलाशी अ‌भियान अचानक रोक दिया गया, तो गांववालों ने अपमान महसूस किया और उन्हें इस तरह से पेश किया गया, जैसे मजाक की बात हो।"

गांव के लोग इन दिनों संयम के साथ चुनाव खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं और उनकी उम्मीद अब अगली सरकार पर टिकी है। वो चाहते हैं कि इस बार खुदाई की योजना बढ़िया तरीके से बनाई जाए।

'फल के लिए वक्‍त लगता है'

शिला ने कहा, "पिछली कोशिश से कोई नतीजा हाथ न ‌लगना इस बात की ओर संकेत करता है कि और खुदाई की जानी चाहिए थी। जैसा कि आप जानते हैं कि कुछ चीजों में वक्‍त लगता है और फल तक पहुंचने के लिए संयम की जरूरत होती है।"

अजय सिंह ने कहा, "हमें उस वक्‍त काफी दुख हुआ जब हमारे गांव को सोना न मिलने की वजह से बदनाम किया गया। दुनिया शोभन सरकार के ख्वाब पर हंस रही थी। लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी, खुदाई फिर होगी।"
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आईआईटी कानपुर से संपर्क

पूर्व प्रधान पैसा एकत्र कर रहे हैं, ताकि आईआईटी कानपुर या धनबाद के जरिए रिसर्च और सर्वे कराया जा सके। अजय सिंह ने कहा, "शोभनजी और मैंने आईआईटी कानपुर या धनबाद से संपर्क साधने का फैसला किया है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से सोने तक पहुंचा जा सके।"

उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि विज्ञान के जरिए हमारा भरोसा सही साबित होगा। एएसआई के बस की नहीं है, यह बड़ा कार्य है।" वो अकेला ऐसा नहीं चाहते। अजय के पिता शिशु पाल सिंह, जो 25 साल तक गांव के अगुवा रहे। उन्होंने कहा, "आपको क्यों लगता है कि मोहम्मद रफी ने यह गाना क्यों गाया कि मेरे देश की धरती सोना उगले।" उन्नाव में 30 अप्रैल को वोटिंग होनी है।
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