डासना जेल की बैरक में रेप के आरोपियों से रोज ही मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जाता है। ये खुलासा करते हुए गाजियाबाद कोर्ट में आए रेप के एक आरोपी का कहना है कि उसे बैरक में घृणा की दृष्ट से देखा जाता है। रोजाना ताने सुनना अब नियति बन गई है। अक्सर बंदी उससे मारपीट भी कर देते हैं।
नाडे़ वाले बंदी कड़ी निगरानी में
दिल्ली रेप कांड के आरोपी रामसिंह के सुसाइड केस ने जेल अफसरों को हिला दिया है। इस घटना से सबक लेकर गाजियाबाद स्थित डासना जेल में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। चूंकि रामसिंह ने नाड़े का फंदा लगाया था इसलिए जेल अफसरों ने नाड़े वाले यानि कुर्ता-पायजामा वाले बंदियों पर नजर और कड़ी कर दी है। दुष्कर्म के 34 आरोपियों को एक ही बैरक में रखा गया है। वहां कि सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है। बंदी रक्षकों को इस प्रकार तैनात किया गया है कि बैरक का एक-एक बंदी उनकी नजर में रहे।
35 बंदियों को सेंट्रल जेल आगरा शिफ्ट करने की तैयारी
डासना जेल में कुल 228 बंदी ऐसे हैं, जो रेप और यौन हिंसा के आरोप में बंद हैं। इनमें से 35 बंदियों को कोर्ट सजा सुना चुकी है। जेल प्रशासन अब इन 35 सजायाफ्ता बंदियों को सेंट्रल जेल आगरा शिफ्ट करने की तैयारी में जुट गया है। जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा की मानें तो अप्रैल के पहले सप्ताह तक इन बंदियों को आगरा शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके अलावा जेल के बैरकों में लगे बाथरूम में पहले 4 फीट से ऊंची टोंटी लगी हुई थी। जेल प्रशासन ने इन सभी को कटवाकर टोंटियों की ऊंचाई मात्र डेढ़ फीट कर दी है।
‘जेल प्रशासन पूरी तरह से बंदियों पर नजर रखे हुए है। टोंटी कटवाकर छोटी कराना और रेप आरोपियों को आसपास की बैरकों में शिफ्ट करने का निर्णय सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।’ - डा. वीरेश राज शर्मा, जेल अधीक्षक
ताकि कोई और ‘रामसिंह’ न करे आत्महत्या
- कुर्ता-पायजामा पहनने वाले रेप के आरोपियों को एक ही बैरक में रखा गया
- डासना जेल में बंद हैं रेप और यौन हिंसा के 228 बंदी
- रेप के आरोपी बंदियों को आसपास की बैरकों में किया गया शिफ्ट, बढ़ाई गई सुरक्षा
- दुष्कर्म के मामले में सजा पाये 35 बंदियों को सेंट्रल जेल आगरा शिफ्ट करने की तैयारी
विशेष इंतजाम:
- अलग-अलग बैरक में दुष्कर्म के सभी आरोपी आसपास की 6 बैरकों में शिफ्ट
- रेप और यौन हिंसा के ऐसे 34 आरोपियों को एक ही बैरक में किया गया है, जो कुर्ता-पायजामा पहनते हैं।
- प्रत्येक बैरक की सिक्योरिटी में 4-4 बंदी रक्षकों को किया गया मुस्तैद
- चार फीट की नल की टोंटियां कटवाकर कराई गई डेढ़ फीट