यूपी में बांदा के सूखे पाठा क्षेत्र में पानी के लिए पहले ही हायतौबा मची है। ऐसे में साढ़े सात लाख रुपये के इनामी डकैत बलखड़िया गिरोह ने रोज 35 मटके पानी की मांग करके उनके सामने नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
पानी न पहुंचाने वालों को गोली मारने की धमकी दी है। डकैतों का यह फरमान दर्जनों गांवों में जारी हुआ है, पर पुलिस अनजान है। गांववाले भले ही प्यासे रहें, पर भारी मशक्कत करके बारी-बारी से आसपास के जंगलों में रोज 35 मटके पानी डकैतों को पहुंचा रहे हैं।
बारिश न होने से बुंदेलखंड में पानी का घोर संकट है। बांदा और चित्रकूट जिलों के पाठा क्षेत्र में हालात तो और भी बदतर हैं। यहां तालाब, पोखर, झरने, चोहड़, कुएं आदि सब सूख गए हैं। जंगल में जीवन बिताने वाले डकैतों को इन्हीं से पानी मिलता रहा है।
डकैतों को गुपचुप पानी पहुंचा रहे ग्रामीण
जलसंकट से परेशान बलखड़िया गिरोह ने गांवों के हैंडपंपों और कुओं से पानी जुटाने का फरमान जारी किया है। बलखड़िया के गिरोह में डेढ़ दर्जन से ज्यादा सदस्य हैं।
पाठा क्षेत्र में चित्रकूट जिले के आदिवासी बहुल गांव ददरी, मड़ईयन, रुकमा, सोसाइटी कोलान, मारकुंडी, बहिलपुरवा, टिकरिया, सकरउवां, चमरउवां, मानपुर, बंदरी, खमरिहा, सिलखोरी, घुरेटनपुर, अनुसुइया आश्रम और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के थरपहाड़, टिकरी, नरही तथा बांदा जिले के दस्यु प्रभावित क्षेत्र महुई, कुलसारी, गोबरी, पियार, कारूबाबा, सत्तूपुर, नीबी, बेरौना, संग्रामपुर, बघेलाबारी आदि में दस्यु गिरोह ने बारी-बारी से रोजाना 35 मटका पानी गिरोह को पहुंचाने की धमकी दी है। सहमे ग्रामीण यह बात मुंह से नहीं निकाल रहे हैं। गुपचुप ढंग से दस्युओं के लिए पानी का इंतजाम कर रहे हैं।
इस बाबत चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी अमिताभ यश से बातचीत का प्रयास किया गया, पर उनका सीयूजी फोन रिसीव नहीं हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद का कहना है कि अभी पुलिस से किसी भी ग्रामीण या प्रधान ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की है। दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कांबिंग चल रही है। डकैतों को मनमानी का कोई मौका नहीं मिलेगा। ग्रामीणों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।