हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष रामबाबू गुप्त की हत्या के बाद हुए उपद्रव और बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए टांडा नगर क्षेत्र में सोमवार दोपहर दो बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया।
उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए गए हैं। रविवार देर रात शुरू हुई आगजनी और फायरिंग सोमवार को भी जारी रही, इसमें दो पुलिसकर्मियों समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
24 घंटे के भीतर उपद्रवियों ने 28 दुकानें, घर और करीब दर्जनभर वाहनों में आग लगा दी। रैपिड एक्शन फोर्स और कई जिलों की पुलिस फोर्स की तैनाती और बल प्रयोग के बावजूद उपद्रव रुक नहीं रहा था।
हालात को काबू में करने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया। वहीं इस मामले में अलीगंज एसओ ओमप्रकाश यादव को निलंबित कर दिया गया।
रविवार देर शाम हिंदू नेता की हुई हत्या के बाद टांडा नगर क्षेत्र में सोमवार सुबह से अघोषित कर्फ्यू का माहौल था। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद जब हिंदू नेताओं व कार्यकर्ताओं के बड़े जुलूस के बीच रामबाबू गुप्त का शव टांडा पहुंचा तो माहौल फिर से बेकाबू हो गया।
रामबाबू के आवास पर भगदड़ मच गई। एक अफवाह के बाद दो पक्षों में पथराव शुरू हो गया। जिसमें कई कई लोग घायल हो गए। आरएएफ ने स्थिति संभाली। भगदड़ के बाद हिंदू नेता के आवास से वापस जा रहे एक नेता की जीप का शीशा व आरएएफ की गाड़ी का शीशा पथराव से टूट गया।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उपद्रवियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उधर अलीगंज व छज्जापुर क्षेत्र में कई घरों से हवाई फायरिंग भी शुरू हो गई। डीएम पंकज यादव ने दोपहर दो बजे पूरे नगर क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया।