पेशी से लौटते समय सोमवार को दीवानी न्यायालय परिसर में सिपाही को थप्पड़ मारकर विचाराधीन कैदी फरार हो गया। दिनदहाड़े हुई घटना से सनसनी फैल गई। वह दो साल से जिला जेल में बंद था। इस मामले में सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
नेपाल के रूपनदेही निवासी सुमेर चंद लोधी को नौतनवां पुलिस ने 23 सितंबर 2011 को छपवा चौराहे से चरस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में सोमवार को उसकी एडीजे प्रथम के वहां पेशी थी।
जिला जेल से सुबह 11 बजे गाड़ी 48 कैदियों के साथ उसे लेकर कचहरी पहुंची। दोपहर करीब डेढ़ बजे सिपाही जुगुल किशोर दुबे एडीजे प्रथम के न्यायालय में सुमेर को पेश कराकर लौट रहा था। वह उसे लेकर कचहरी परिसर में पहुंचा था, तभी सुमेर ने जुगुल की दाहिनी आंख के पास जोरदार थप्पड़ मारा और हाथ छुड़ाकर फरार हो गया। जुगुल ने कुछ दूर तक उसका पीछा भी किया लेकिन सफलता नहीं मिली। पीछा करते समय गिरने से सिपाही के पैर में चोट भी आ गई।
विचाराधीन कैदी के भागने की सूचना मिलते ही एसपी भारत सिंह, सीओ सदर निश्छल भाई पटेल समेत भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसपी के आदेश पर विभिन्न थानों की पुलिस ने वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चला।
इस संबंध में लाकप इंचार्ज दरोगा प्रभुनारायण सिंह की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने सिपाही जुगुल किशोर दुबे के खिलाफ पुलिस अभिरक्षा में मुलजिम भाग जाने का मुकदमा दर्ज किया है। देर शाम एसपी ने सिपाही को निलंबित कर दिया।