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मुरादाबाद के पूर्व डीएम समेत नौ पर भ्रष्टाचार के मुकदमे 

Tue, 23 Oct 2018 09:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
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सांकेतिक तस्वीर
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अर्बन सीलिंग भूमि और जेल भूमि घोटाले में फंसे मुरादाबाद के पूर्व डीएम जुहैर बिन सगीर और तत्कालीन एडीएम सिटी अरुण श्रीवास्तव समेत नौ अफसरों-कर्मियों के खिलाफ शुक्रवार रात विजिलेंस विभाग ने मुरादाबाद के सिविल लाइंस और मूंढापांडे थाने में गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में दो एफआईआर दर्ज कराई हैं। 
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दोनों घोटालों में फर्जी रिपोर्ट देने वाले तत्कालीन सदर तहसील के लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक सभी के नाम मुकदमे में हैं।

उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान बरेली के निरीक्षक प्रमोद कुमार शर्मा ने सिविल लाइंस थाने में पूर्व डीएम जुहैर बिन सगीर, सेवानिवृत्त हो चुके तत्कालीन एडीएम सिटी अरुण कुमार श्रीवास्तव, पूर्व तहसीलदार सदर संजय कुमार, सहायक अभियंता अर्बन सीलिंग विभाग सुरेंद्र प्रकाश गुप्ता, अर्बन सीलिंग विभाग के कनिष्ठ लिपिक हरवेंद्र कुमार, कनिष्ठ लिपिक रीता सिंह, पेशकार इंद्रजीत सिंह और फर्जी प्रपत्रों की बदौलत अर्बन सीलिंग भूमि कब्जाने की आरोपी नसीम बानो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी व साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।

सतर्कता विभाग ने रिपोर्ट में कहा है कि आरोपियों ने पद का दुरुपयोग कर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के कब्जे वाली अर्बन सीलिंग की करीब 68000 वर्ग मीटर भूमि को फर्जी दस्तावेज तैयार कर निजी खाताधारकों को सौंप दिया, जबकि इन अफसरों को सीलिंग भूमि प्रकरणों को सुनने का अधिकार ही नहीं था। 
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28 मई 2016 से लेकर 23 मई 2017 तक इन अफसरों ने सीलिंग के कुल 15 मुकदमों पर अवैध रूप से फैसला लिया। जेल भूमि घोटाले में मूंढापांडे थाने में विजिलेंस इंस्पेक्टर विजय कुमार की ओर से ही दर्ज कराए गए दूसरे मुकदमे में आईएएस जुहैर बिन सगीर, पूर्व एडीएम सिटी अरुण कुमार श्रीवास्तव, पूर्व तहसीलदार सदर संजय कुमार, राजस्व निरीक्षक परवेज खां और लेखपाल सुभाष चंद्र शर्मा के साथ ही एनआरएचएम घोटाले में जेल जा चुके दवा कारोबारी व होटल संचालक सौरभ जैन, सौम्य जैन और जुल्फिकार अली को नामजद किया गया है। 
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मुरादाबाद के अधिवक्ता दुष्यंत राज चौधरी की शिकायत पर शासन ने विजिलेंस जांच का आदेश दिया था।
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