सामान की ढुलाई नहीं हो रही
एक ट्रक ऑपेरटर राजेश कपूर के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण मजदूर यहां से चले गये हैं। अब उन्हें सामान ढुलाई के लिए हमाल भी नहीं मिल रहे हैं। इससे जरूरी सेवाओं में लगे ट्रकों को भी काम नहीं मिल पा रहा है।
सब्जियों की ढुलाई में लगे ट्रक ऑपरेटर भी इस समय खाली हो गये हैं क्योंकि सब्जियों की मांग घट गई है। उन्होंने बताया कि अनुमति को लेकर स्पष्टता के अभाव में तीन लाख से अधिक ट्रक रास्तों में खड़े हैं।
छोटे दुकानदार भी नहीं खोल पा रहे दुकानें
वहीं, स्थानीय दुकानदारों की शिकायत है कि उनके पास जरूरी सामानों की कमी हो गई है। लक्ष्मीनगर के एक किराना व्यापारी संदीप के मुताबिक उन्हें पुलिस दुकान नहीं खोलने दे रही है। वे न तो सामान खरीद पा रहे हैं और न ही वे अपने ग्राहकों को बेच पा रहे हैं। जरूरी सेवाओं में होने के बाद भी उन लोगों को कामकाज नहीं करने दिया जा रहा है।
मंडी में मंदी
गाजीपुर सब्जी मंडी के चेयरमैन सत्यदेव प्रसाद ने बताया कि मंडी का कामकाज घटकर एक तिहाई रह गया है। मंडी में रोजाना 15 लाख किलोग्राम तक का कारोबार होता था, जो इस समय पांच लाख किलो तक रह गया है। आलू और प्याज जैसी प्रमुख सब्जियों के कारोबार में भी भारी गिरावट आई है।
आलू-प्याज के 25 से 30 ट्रक की रोजाना खपत अब तीन से चार ट्रक पर आकर रूक गई है। टमाटर की खपत में भारी कमी आई है। बाजार में हरी सब्जियों की सबसे ज्यादा कमी है। वहीं जो सब्जियां बाजार तक आ चुकी हैं, छोटे दुकानदारों के न आने के कारण मंडी में वह भी नहीं बिक रही हैं।
बाजार के इस रुख से किसानों ने मंडी तक आना बंद कर दिया है। वहीं मजदूरों का भारी संख्या में पलायन हुआ है। मजदूरों को रोकने के लिए मंडी के बड़े कारोबारी उन्हें अपने स्तर पर भोजन मुहैया करा रहे हैं। आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए मंडी में कामकाज बंद करने जैसा कोई फैसला नहीं किया गया है।
एफसीआई के कामकाज में तेजी
जहां सामान्य बाजार में कामकाज कम हुआ है, वही गरीब लोगों को ज्यादा खाद्यान्न उपलब्ध कराने में जुटे भारतीय खाद्य निगम का कामकाज और अधिक बढ़ गया है। मंगलवार को एफसीआई ने 58 रेक्स के सामान की सप्लाई की, जो एक रिकॉर्ड है। यह लगभग 1.6 लाख टन गेंहू और चावल के रूप में किया गया।
सामान्य तौर पर एफसीआई 30 से 35 रेक्स सामान की सप्लाई करता है। इससे इस सेवा से जुड़े ट्रकों का कामकाज भी बढ़ गया है।