उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला प्रशासन के रवैये से नाराज कांवड़ियों ने रविवार को भारी बवाल किया।
भूपियामऊ में शनिवार शाम डीजे रोकने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि रविवार सुबह कांवड़ियों और पुलिस में जमकर मारपीट हुई।
सुबह जोगापुर में सीताराम धाम के पास हाईवे पर कांवड़ियों ने जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस से विवाद होने पर कांवड़ियों ने शहर कोतवाल पर हमला कर दिया।
पथराव में भंगवा चौकी प्रभारी का सिर फूटा और कई सिपाही घायल हो गए। दोपहर बाद डीजे मिला, उसके बाद कांवड़िए रवाना हुए।
जाम के कारण इलाहाबाद और फैजाबाद से आने जाने वाली सैकड़ों गाड़ियां फंसी रहीं। लोगों को भारी उमस में परेशान होना पड़ा।
शनिवार शाम शुरू हुआ विवाद रविवार को भी जारी रहा। सुबह एक कांवड़िया का एक सिपाही से विवाद हो गया। उसका आरोप था कि सिपाही ने कांवड़ का अपमान किया।
मामला तूल पकड़ने पर कांवड़ियों ने सीताराम धाम के सामने इलाहाबाद-फैजाबाद हाईवे पर सुबह करीब साढे़ आठ बजे जाम लगा दिया।
जानकारी पर शहर कोतवाल कुलदीप तिवारी, भंगवा चुंगी चौकी प्रभारी राज वकील मिश्र पुलिस बल के साथ पहुंच गए।
कांवड़ियों ने मांग रखी कि डीजे बजाने की अनुमति नहीं मिलेगी तो जाम खत्म नहीं होगा। अधिकारी नहीं माने तो कांवड़ियों से कोतवाल का विवाद हो गया।
थोड़ी ही देर में कांवड़ियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। उनका आरोप था कि कोतवाल ने उन पर अभद्र टिप्पणी की। कांवड़ियों की कोतवाल से हाथापाई भी हुई।
पत्थर लगने के कारण चौकी प्रभारी का सिर फट गया। कई और सिपाहियों को भी चोटें आईं। बवाल बढ़ता देख पूर्व सांसद सीएन सिंह, भाजपा नेता धीरज ओझा, हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष अच्युतानंद मिश्र समेत कई जनप्रतिनिधियों ने बीच बचाव किया।
अफसरों ने अभद्रता करने वाले कोतवाल और सिपाही को निलंबित करने, डीजे बजाने व कांवड़ियों की सुरक्षा करने का आश्वासन दिया तब जाकर करीब साढे़ बारह बजे कांवड़िये जाम खत्म कर आगे बढ़े।