कानपुर में रामनवमी शोभायात्रा का मार्ग बदलने का विवाद सांप्रदायिक तनाव में बदल गया और सैयद नगर मसवानपुर में पथराव के बीच गुस्साए लोगों ने जमकर आगजनी की। उपद्रवियों ने एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट की जीप फूंक दी और पुलिस के कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
कई दुकानों में आग लगा दी गई। पथराव और मारपीट में दोनों पक्षों से 11 लोग घायल हो गए।
आला अफसरों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। पूरे इलाके में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं। देर रात तक दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे।
दूसरे समुदाय ने किया नए रूट का विरोध
रामनवमी शोभायात्रा परंपरागत मार्ग दुरुस्त न होने के चलते सैयद नगर-सुरेंद्र नगर मार्ग पर मोड़ दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शोभायात्रा कुछ दूर चली तभी इस मार्ग पर रहने वाले दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने नए रूट से यात्रा निकालने का विरोध किया।
वे शोभायात्रा को वापस ले जाने की जिद करने लगे। इससे बात बढ़ी और मारपीट शुरू हो गई। कुछ लोगों ने पथराव भी शुरू कर दिया। बाद में वहां भगदड़ मच गई। शोभा यात्रा की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी बवाल देख भाग निकले।
बाद में पहुंचे भारी पुलिस बलों ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद पुलिस ने शोभायात्रा के तीन वाहन निकलवाए। देर रात फायरिंग की आवाजें सुनाई पड़ीं। भीड़ ने एक शादी समारोह में भी हमला कर बवाल काटा।
पुलिस की लापरवाही से बिगड़ा माहौल
रामनवमी शोभा यात्रा दूसरे मार्ग से जाने को एसएसपी अजय कुमार मिश्रा ने पुलिस की लापरवाही माना है। भीड़ में ही उन्होंने सीओ कल्याणपुर और एसओ कल्याणपुर एवं चौकी प्रभारी रावतपुर को आड़े हाथों लिया। कहा कि यात्रा का मार्ग कैसे बदल गया। फोर्स कहां था। यदि था तो यात्रा को रोका क्यों नहीं। इन सवालों का जवाब किसी अफसर के पास नहीं था।
बवाल की सूचना पाकर एसएसपी मौके पर पहुंचे और तय शोभा यात्रा मार्ग के बारे में मातहतों से पूछा। पता चला कि शोभा यात्रा दूसरे रास्ते पर आ गई है। बस यह सुनते ही वह भड़क गए। सीओ श्रीपाल यादव, एसओ आनंद प्रकाश मिश्रा और रावतपुर चौकी प्रभारी अमर पाल सिंह को तलब किया। शोभा यात्रा का रास्ता बदलने के बारे में पूछा। एसएसपी ने एक के बाद एक कई सवाल इन अफसरों से किए लेकिन सभी निरुत्तर खड़े रहे। एसएसपी ने नाराजगी जताने के बाद इन्हें स्थिति पर काबू पाने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी अपने-अपने काम में जुट गए।
नेताओं की भूमिका पर भी उठे सवाल
बवाल की सूचना पर कई राजनैतिक दलों के नेता भी अपनी रोटियां सेंकने पहुंच गए। एसएसपी अजय कुमार मिश्रा के मौकेपर पहुंचने के बाद कुछ लोग शोभा यात्रा को पुराने मार्ग से निकालने को राजी हो गए। यात्रा में शामिल वाहनों को मोड़ा भी जाने लगा था। इसी दौरान एक नेता वहां पहुंच गए। नेता जी को देखते ही एक पक्ष के लोगों को जोश आ गया। वे नारेबाजी करने लगे। फिर शोभा यात्रा को नए मार्ग से ले जाने की जिद पर अड़ गए।
एक नेता ने माइक पर यह तक ऐलान कर दिया कि चाहे कुछ भी हो जाए हम लोग इसी नए रास्ते से शोभा यात्रा निकालेंगे। इधर, दूसरे पक्ष के लोग यह कहकर विरोध जताते रहे कि हम लोग अपने त्योहारों पर तय मार्ग से ही जुलूस निकालते हैं। इसलिए शोभा यात्रा को नए मार्ग से नहीं निकलने दिया जाएगा। जब-जब नेता और धर्म से जुड़े लोग पहुंचे हंगामा और नारेबाजी हुई।