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सीओ हत्याकांड: पल-पल बदल रहे पुलिस अफसरों के बयान

Wed, 06 Mar 2013 11:18 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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सीओ जियाउल हक की हत्या के मामले में आला पुलिस अफसरों के बयान और उनकी भूमिका भी सवालों के घेरे में आ रही है। घटना के बाद से ही अफसरों के बयान हर दिन बदलते रहे हैं।
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कभी शस्त्र के बोर को लेकर तो कभी हत्या के समय या हत्या करने वालों को लेकर। पूछने पर उनका यही जवाब था कि इतना ही पता लग रहा है कि सीओ को गोली लगी है और वह घायल हो गए हैं। अधिकारी लगातार यही बोलते रहे थे कि सीओ का पता नहीं लग पा रहा है।

 यह जवाब मुख्यालय से लेकर जिले तक के पुलिस अधिकारियों का था। वह भी तब जबकि उन्हीं का मातहत एक अधिकारी ग्रामीणों की हिंसा व गोली का शिकार हो चुका था। सीओ जियाउल हक की हत्या के बाद ही अफसरों ने कहा था कि सीओ को तीन गोलियां लगी हैं। उस समय पुलिस यह साबित करने की कोशिश कर रही थी कि सीओ की मौत ग्रामीणों की पिटाई से नहीं हुई थी। कई मुद्दों पर न सिर्फ गलतबयानी से मामला और उलझ गया।
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पुलिस के बयान कुछ ऐसे रहे
- जब घटना हुई तब सीओ की मौत की जानकारी होने के बाद भी सही जवाब नहीं दिया गया।
- लाश बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद अधिकारियों का बयान था कि सीओ को तीन गोलियां लगी हैं।
- जिले के पुलिस अधिकारियों ने भी सीओ की पत्नी परवीन आजाद को यही बताया था।
- अब कहा जा रहा है कि सीओ को तीन गोलियां लगने की बात तो कभी कही ही नहीं गई। पोस्टमार्टम में सिर्फ एक गोली लगने की बात सामने आई है।
- दो मार्च की शाम को सीओ का कत्ल किए जाने के बाद लाश का पोस्टमार्टम कर उसकी रिपोर्ट अफसरों को तीन मार्च को मिल गई थी। फिर भी सीओ की पत्नी से यह कहा जाता रहा कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट टाईप हो रही है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट हमेशा शव विच्छेदन करने वाले डॉक्टरों द्वारा हाथ से भरी जाती है। इसे एक पहले से छपे हुए प्रोफार्मे पर लिखा जाता है। इसके बाद भी अधिकारी यह बता रहे थे कि रिपोर्ट टाईप हो रही है।
- सीओ और सुरेश दोनों को ही किस बोर के असलहे से गोली मारी गई, इसे लेकर अधिकारी सोमवार तक यह बयान दे रहे थे कि उनकी हत्या .38 बोर से की गई जबकि मंगलवार को बयान बदल गया और कहा गया कि सीओ की हत्या किस बोर से हुई यह तो अभी तक तय नहीं हो सका है और सुरेश की हत्या .12 बोर से की गई है।
- पहले यह कहा गया कि ग्राम प्रधान नन्हें यादव और उसके भाई सुरेश की हत्या के बाद प्रधान के लड़के ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। अब यह कहा जा रहा है कि नन्हें के कत्ल के बाद सीओ की हत्या हुई और फिर सुरेश की लाश मिली।
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