उत्तर प्रदेश के अमेठी में इंटर पास विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की मुख्यमंत्री की योजना को पलीता लगाते हुए छात्रों से एक-एक हजार रुपये वसूलने का खुलासा हुआ है।
मंगलवार को एक कॉलेज लिपिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर छात्र-छात्राओं से वसूले गए 1.58 लाख रुपये बरामद किए हैं। प्रशासन ने लिपिक के साथ ही कालेज प्रबंधक के खिलाफ संग्रामपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मंगलवार सुबह डीएम जगतराज त्रिपाठी को फोन कर एक व्यक्ति ने अमेठी तहसील के गांव पहाड़पुर पुन्नपुर स्थित वित्तविहीन मान्यता प्राप्त बृजराज सहोदरा डिग्री कॉलेज में लैपटॉप के नाम पर अवैध वसूली होने की सूचना दी।
डीएम के आदेश पर एसडीएम अजय कुमार ने सीओ आरके चतुर्वेदी और एसओ संग्रामपुर संतोष यादव के साथ उक्त डिग्री कॉलेज में छापा मारा।
उस वक्त वहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। टीम ने संग्रामपुर थाने के गांव धरौली निवासी महाविद्यालय के लिपिक कृष्ण गोपाल विश्वकर्मा के पास से एक रजिस्टर बरामद किया, जिसमें 162 छात्र-छात्राओं के नाम दर्ज थे।
टीम को कॉलेज की अलमारी में लाभार्थियों से वसूले गए 1.58 लाख रुपये और परिचय पत्र की छाया प्रति के साथ दो-दो फोटो मिले। लिपिक ने बताया कि 23 जून को कॉलेज में लाभार्थियों का लैपटॉप संचालन प्रशिक्षण हुआ था।
इसी दौरान प्रबंधक लालबहादुर सिंह के निर्देश पर लैपटॉप के लिए अपलोड सूची में शामिल सभी 800 विद्यार्थियों से एक-एक हजार रुपये, दो-दो फोटो और कॉलेज से जारी परिचय पत्र की छाया प्रति जमा करने को कहा गया था।
लिपिक ने बताया कि कुछ लाभार्थियों ने सोमवार को और कई ने मंगलवार को धन जमा किया था। यही धन अलमारी में रखा हुआ है।
डीएम ने पूरे मामले से निदेशक उच्च शिक्षा व शासन को अवगत कराया साथ ही, उन्होंने महाविद्यालय की मान्यता रद्द करने के लिए शासन को पत्र भी लिखा है। डीएम के आदेश पर प्रबंधक व लिपिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।