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यूपीः अलीगढ में लाठीचार्ज मामले में क्षेत्राधिकारी निलंबित

Fri, 19 Apr 2013 11:32 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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अलीगढ़ में रेप के बाद मासूम की हत्या के मामले में विरोध कर रही महिलाओं पर पुलिस का डंडा चलाने और उनके प्रति अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले की जांच रेंज के डीआईजी को दी गई है।
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इस मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हस्तक्षेप के बाद दोषी सीओ और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने एसएसपी के खिलाफ भी कार्रवाई होने के संकेत दिए।

अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अरुण कुमार ने बताया कि अलीगढ़ रेंज के डीआईजी प्रकाश डी को तीन में जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मातहतों की हरकत पर सरकारी पक्ष रखने के लिए डीजीपी मुख्यालय में बुलाई गई प्रेस वार्ता में एडीजी ने कहा, चैनलों ने अलीगढ़ के जो दृश्य दिखाए हैं, उन्हें संज्ञान में लिया गया है।
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डीआईजी से मामले की विस्तृत जांच करने को कहा गया है। एडीजी ने इस सवाल पर कि अलीगढ़ के कप्तान ने भी अशोभनीय टिप्पणी की, उसमें क्या कार्रवाई हो रही है? जवाब दिया कि ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एडीजी ने इस मसले पर सरकार की ओर से सफाई देते हुए कहा कि अलीगढ़ वाले प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है।

उन्होंने माना कि ऐसे मामलों से विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जबकि प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि मामले का परीक्षण हो रहा है और एसएसपी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

उन्होंने बताया कि डीआईजी से कहा गया है कि वे मामले में सभी संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करें। अगर किसी का दोष सामने आए, तो उसके बारे में रिपोर्ट दें।

अलीगढ़ के एसएसपी द्वारा बालिका से दुराचार के सिलसिले में अशोभनीय टिप्पणी के मामले में यह पूछे जाने पर कि क्या एसएसपी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी अथवा उन्हें भी हटाया जाएगा, इस पर एडीजी ने जवाब दिया कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

रिपोर्ट आने के बाद ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गोवंश तस्करी के रैकेट से जुड़े 19 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि अब ऐसे मामलों में किसी तरह की रियायत नहीं की जा रही है।

लगातार सामने आ रहा पुलिसकर्मियों का चेहरा

पिछले दिनों पुलिसकर्मियों व अधिकारियों द्वारा अशोभनीय टिप्पणी या हरकतें करने के कई मामले सामने आये हैं। बिजनौर के अफजलगढ़ थाने में दुष्कर्म पीड़िता को पीटा गया, तो बुलंदशहर में दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग की शिकायत पर कार्रवाई के बजाय उसे ही हवालात में डाल दिया गया।

मथुरा में पुलिस की वसूली के चक्कर में एक की जान गई, तो शामली के एक थाने में बर्थडे पार्टी में थानेदार बोतल सिर पर रख कर नाचे।

ऐसे ही गोंडा के एएसपी केसी गोस्वामी ने दुष्कर्म पीड़िता के लिए अशोभनीय टिप्पणी कर दी थी, जिस पर उन्हें जिले से हटा दिया गया था। इलाहाबाद में बुधवार को पकड़े गए गोवंश तस्करों से पता चला था कि उनके गिरोह से एक-दो नहीं बल्कि 19 पुलिसकर्मी जुड़े हैं।

बेहतर आचरण के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण

मातहतों की करतूतों को स्वीकार करते हुए एडीजी ने कहा, पुलिसकर्मियों को लगातार बेहतर आचरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है इसलिए उन्हें प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया गया है। एडीजी ने कहा कि जिलों में पुलिस लाइनों में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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