दुनिया के अजूबे में शामिल आगरा के ताजमहल की बुनियाद में दीमक का खतरा टला नहीं है। एएसआई की रसायन शाखा ने एक बार से परीक्षण शुरू कर दिया है।
पांच महीने पहले सर्दी के मौसम में भी इसकी जांच की गई, लेकिन तब दीमक की मौजूदगी का पता नहीं चल पाया था।
ताजमहल की बुनियाद लकड़ी के कुओं पर टिकी है। इसके चलते यहां सीलन बनी रहती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ताज की बुनियाद में नमी का रहना आवश्यक है।
एएसआई की रसायन शाखा के वैज्ञानिकों ने ताजमहल में दीमक का पता लगाने के लिए पिछले साल दिसंबर में परीक्षण किए थे। तब असली कब्र के आसपास और निचले हिस्से के मिट्टी के नमूनों की जांच की थी।
कई स्थानों पर खुदाई करके देखा गया था कि कहीं दीमक का लार्वा या अंडा तो मिट्टी में कहीं नहीं दबा हुआ है। दीमक को आकर्षित करने करने वाले विशेष तरह के रसायन (सेलूलोस) को डाला गया था। लेकिन जांच में दीमक की बात सामने नहीं आई थी।
अब फिर से दीमक की जांच की जा रही है। रसायन शाखा के विशेषज्ञों का कहना है गर्मी में तापमान अधिक होता है। इससे दीमक की मौजूदगी का पता आसानी से लग सकता है। परीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।