फोटो न-24 सीकेटीपी 11 गोशाला में मवेशी की देखभाल करते किसान योगेश जैन। संवाद
- फोटो : शहर के मजरूह सुल्तानपुरी उद्यान में निर्माणाधीन वॉकिंग पथ।
चित्रकूट। पुरानी बाजार निवासी योगेश जैन ने खेती के साथ-साथ डेयरी और बागवानी के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 2012 में डेयरी व्यवसाय शुरू करने वाले योगेश के पास आज साहीवाल, गिर और थारपाकर नस्ल की 100 से अधिक गाएं हैं। 15 वर्षों से अधिक समय से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और खेतों में गोबर की खाद का प्रयोग करते हैं।
एमए तक की पढ़ाई करने के बाद, योगेश ने अपने पुरखों की खाली पड़ी जमीन पर खेती शुरू की और धीरे-धीरे अच्छी फसलें उगाने लगे। इससे उनका हौसला बढ़ा और उन्होंने बागवानी भी शुरू कर दी। खेत तालाब योजना के तहत उन्होंने एक तालाब का निर्माण भी करवाया है और सोलर पंप का भी उपयोग करते हैं।
जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने योगेश जैन को अन्य किसानों के लिए एक मिसाल बताया है। उन्होंने कहा कि योगेश के कार्यों से प्रेरित होकर कई किसान प्रेरित हो रहे हैं और उनकी सराहना की जा रही है। कृषि विभाग की ओर से किसानों की एक टीम योगेश के कार्यों को देखने और उनसे सीखने के लिए भेजी जाती है।
विविध बागवानी और मसाला खेती : योगेश जैन ने अपनी बाग में आंवला, मौसमी और अमरूद के साथ-साथ बॉस के एक सौ से अधिक पेड़ लगाए हैं। उनके बाग से स्थानीय दुकानदार फल खरीदते हैं। इसके अतिरिक्त, वे मसाला फसलों जैसे मेथी और लहसुन की खेती भी करते हैं।
कई पुरस्कार मिल चुके : प्राकृतिक खेती और पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए किसान योगेश जैन को कई बार सम्मानित किया जा चुका है। इसी साल किसान दिवस पर कृषि विभाग द्वारा आयोजित समारोह में उन्हें प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। इससे पहले भी कृषि विभाग ने उन्हें वर्ष 2015, 2017 और 2020 में पुरस्कृत किया है। इसके अलावा, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है।
फोटो न-24 सीकेटीपी 11 गोशाला में मवेशी की देखभाल करते किसान योगेश जैन। संवाद- फोटो : शहर के मजरूह सुल्तानपुरी उद्यान में निर्माणाधीन वॉकिंग पथ।