प्रभागीय वनाधिकारी वीके मिश्र ने बताया कि जायका परियोजना का मकसद वनों के पास रहने वाले निर्धनों का जीवनस्तर ऊपर उठाना है। इसके तहत जिले के 27 गांवों में ग्राम वन समितियां बनाकर हर गांव में वन समिति को लगभग सौ हेक्टेयर वन भूमि आवंटित की गई है।
मुख्य अतिथि सीडीओ एनपी सिंह ने कहा कि लोग वनों से मन से जुड़ें तभी इनकी सुरक्षा हो सकेगी। वीके मिश्र ने कहा कि इन समितियों का काम पौधरोपण, मृदा और वन संरक्षण है।
इससे भविष्य में इन गांव के लोगों को वनों से सालाना एक निश्चित आय मिलेगी, जिसका उपयोग ग्राम विकास में किया जाएगा।
प्रभागीय वनाधिकारी सोमवार को चित्रकूट वन प्रभाग के चंद्रलोक सभागार में जायका परियोजना की दो दिवसीय वार्षिक समीक्षा कार्यशाला में योजना के बारे में बता रहे थे। उन्होंने बताया कि इन ग्राम वन समितियों के तहत 81 स्वयं सहायता समूह चलाए जा रहे हैं।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी एनपी सिंह ने कहा कि वे वनों से अपने आप को मन से जोड़ दें तो सुरक्षा स्वत: हो जाएगी। वित्त अधिकारी हरिशंकर वर्मा, रेंज अधिकारी कर्वी नरेंद्र सिंह, रैपुरा राजेश सिंह वर्मा, बरगढ़ एमपी त्रिपाठी, मानिकपुर बीएम शुक्ला मौजूद रहे।