राष्ट्रीय राजमार्ग की दशा सुधारने के लिए ठेकेदार ने जेसीबी से सड़क उखड़वा जरूर दी लेकिन अभी तक उसके बनाने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। उखड़ी सड़क का खामियाजा राहगीर भुगत रहे हैं। हालत यह है कि इस मार्ग से निकलने पर लोग चुटहिल जरूर होते हैं। वाहनों के निकलने से गिट्टियां लोगों के लग जाती है।
नेशनल हाईवे (एनएच-76) में मऊ के पास की सड़क सबसे खराब हो गई है। सुरौंधा से बरगढ़ घाटी तक पूरी सड़क खुदी है। लगभग 15 किमी का रास्ता ऊबड़-खाबड़ है। ग्रामीण बताते हैं कि इसे दुरुस्त कराने के नाम पर एनएच के ही एक ठेकेदार ने जेसीबी से खुदवाकर फेंक दिया पर अब बनवाने के लिए ठेकेदार का ही अता-पता नहीं है।
पंद्रह किमी के रास्ते में लगभग छह गांवों के हजारों लोगों का आवागमन रहता है। छिवलहा, अहिरी, मऊ, कटिया आदि गांवों के लोग पैदल और दोपहिया वाहनों से आते जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि राजमार्ग का यह हाल है तो गांवों की सड़कों का हाल खुद ब खुद पता चल जाता है। मऊ के कामता प्रसाद मिश्र, अहिरी के कमल, सुरौंधा के बसंतलाल मौर्य, कटिया के सुंदरलाल उर्फ कंटा गुरु ने कहा कि मेन रोड पर उन लोगों के घर हैं। पूरे दिन धूल उड़ती है और गिट्टियों से घर के बाहर गंदगी का ढेर लगा रहता है।
सड़क पर वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल उड़ने की वजह से कुछ दिखाई नहीं देता। सोमवार को इसी दिक्कत से बाइक और मार्शल भिड़ गईं। बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल रिफर किया गया।
सोमवार की दोपहर कल्लू (37) पुत्र बब्बू और मनोज (33) बाइक से राजापुर जा रहे थे। बरगढ़ घाटी के पास सामने से आ रही मार्शल उड़ती धूल की वजह से दिखाई न देने से बाइक से जा भिड़ी। दोनों युवक छिटककर दूर जा गिरे। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।