चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह का जिले से गहरा लगाव रहा है। राजनीतिक मुश्किलें आने पर वह धर्मनगरी में आकर मंथन करते थे। अयोध्या के श्रीराम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्हें चित्रकूट के बरगढ़ से ही गिरफ्तार किया गया था। चित्रकूट के प्रति उनके प्रेम और लगाव की यादें आज भी लोगों के दिलों में ताजा हो रहीं हैं।
स्थानीय नेताओं ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रीराम मंदिर आंदोलन की जब शुरूआत 1989 में बरगढ़ के मुरका गांव से 1989 में गिरफ्तार किया गया था। जब वह मुख्यमंत्री बने तो 1998 में कृषि विज्ञान केंद्र गनींवा आये। उन्होंने जिले के नाम छत्रपति साहू जी का नाम बदलकर चित्रकूट कर दिया था। चित्रकूटधाम मंडल बनाने से लेकर कई विकास कार्याें की घोषणा किया। भाजपा से मोहभंग होने पर जब उन्होंने राष्ट्रीय क्रांति पार्टी बनाई तो चित्रकूट जिले में दो दिन तक रुके थे और संगठन का विस्तार किया था। इस दौरान पार्टी का प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया था।
एक बार उनकी कुर्सी डगमगाने पर वह भारतरत्न नानाजी देशमुख के पास आकर मंथन किया था। हर बार वह साधू-संतों से आशीर्वाद जरूर लेते थे। प्रदेश में बसपा की सरकार के कार्यकाल के दौरान भाजपा के दो दिवसीय चिंतन शिविर में आकर चुनाव की रणनीति दिग्गजों के साथ बनाई थी। उनके सरल स्वभाव व गहन चिंतन कर निर्णय लेने के किस्से स्थानीय लोग बताते हैं। (संवाद)
संतों के साथ बैठक कर सुनते थे समस्या
चित्रकूट। पूर्व मुख्यमंत्री का निधन होने पर धर्मनगरी के साधू-संताें ने दुख जताया है। जानकी महल के महंत सीताशरण महाराज, फलहारी आश्रम के महंत रामप्यारे दास, रामायणी कुटी के महंत रामह्दय दास, निर्मोही अखाड़ा के महंत शिवरामदास, कामदगिरी के संत मदन गोपालदास, भरतमंदिर के महंत दिव्यजीवनदास ने कहा कि उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य में बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। उनका चित्रकूट धर्मनगरी से बड़ा लगाव रहा है। जब कभी आते सतों के साथ बैठक कर उनकी समस्या सुनते थे। भाजपा के नेताओं ने भी दुख जताया है पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, पूर्व सांसद रमेश द्विवेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा भोला गुप्ता का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं से मिलते थे। उनक ो प्रेरण देकर पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करने के लिए कहते थे। शहर के जनकवि प्रयाग नारायण अग्रवाल ने कहा कि पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं में नकल रोकने का काम किया था। जिससे नकल विहीन परीक्षाएं होने लगी। वही पूर्व मुख्यमंत्री के निधन से उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आर के सिंह पटेल, विधायक आनंद शुक्ला, जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश खरे, जिला उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, आनंद प्रताप सिंह पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी, रामबाबू गुप्ता, रामसागर चतुर्वेदी, प्रेमलाल वाल्मीकि सहित अन्य भाजपा नेताओं ने दुख जताया है। (संवाद)
When political difficulties came, churning was done in Dharmanagari- फोटो : CHITRAKOOT
When political difficulties came, churning was done in Dharmanagari- फोटो : CHITRAKOOT
When political difficulties came, churning was done in Dharmanagari- फोटो : CHITRAKOOT