फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदी सफाई के नाम पर धन का बंदरबांट

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। नदी सफाई के नाम पर सिंचाई विभाग धन का बंदरबांट कर रहा है। हर साल सफाई के लिए आधा दर्जन से ज्यादा नावें कर्वी से रामघाट तक लगाई जाती हैं। रोज सफाई के नाम पर 10-15 हजार खर्च हो रहे हैं और सफाई न के बराबर हो रही है। जिलाधिकारी से मांग की है कि नदी सफाई की जांच कराई जाए।
विज्ञापन

बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह एकबार फिर सिंचाई विभाग ने रामघाट से लेकर कर्वी तक मंदाकिनी नदी की सफाई शुरू कराई है। सफाई के लिए नावें लगाई गई हैं।
नाव का किराया और प्रत्येक नाव में दो लोग सफाई के लिए लगाए गए हैं। नाव में बैठकर सफाई टीम सिर्फ ऊपरी कचरा और आंशिक चोई घास निकाल रहे हैं। रामघाट में तो केवल ऊपरी कचरा निकालकर नदी को साफ किया जा है वहीं नयागांव रपटा से बूड़े हनुमानजी मंदिर तक और कर्वी के घाटों के आसपास गंदगी का अंबार है।
विज्ञापन

उन्हाेंने बताया कि यहां चोई घास का कब्जा है। आरोप लगाया कि सफाई के नाम पर धन का बंदरबांट किया जा रहा है। 10-15 हजार सफाई में रोज खर्च हो रहे हैं और उसके मुकाबले सफाई एकदम नगण्य है।
इसके अलावा सफाई के दौरान सिंचाई विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं रहता। सफाई कराने वाले ठेकेदार बिल बाउचर दे रहे हैं और फिर मिलकर धन का बंदरबांट किया जा रहा है।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि नदी सफाई की जांच कराई जाए। जल निगम के अधिशाषी अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि होली के चलते नदी की सफाई का काम रुका है। इसे जल्द ही चालू कराया जाएगा।
विज्ञापन

नदी सफाई का काम निर्धारित बजट से कराया जाता है। इसमें बंदरबांट नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें