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महात्मा गांधी के विचारों को साकार करने की जरूरत

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मऊ। महामति प्राणनाथ महाविद्यालय में दांडी मार्च महात्मा गांधी का नमक सत्याग्रह अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया। शुक्रवार को महोत्सव के दौरान छात्राओं ने देशभक्ति पर आधारित गीत नृत्य प्र्रस्तुत किए।
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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. गांगेय मुखर्जी ने कहा कि गांधीजी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक 240 मील पैदल चलकर 6 अप्रैल 1930 को नमक बनाकर नमक कानून का उल्लंघन किया था। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस कुरील ने कहा कि इस आंदोलन ने देश के अंदर सभी संकीर्णताओं को तोड़कर सबको एक साथ खड़ा कर दिया था। इस आंदोलन ने आंदोलन जन आंदोलन का रूप ले लिया जिससे अंग्रेजी हुकूमत विवश हो गयी और गांधी जी को लंदन बुलाकर वार्ता की। यह आंदोलन देश को आजादी को दिलाने में मील का पत्थर साबित हुई। आचार्य शिवप्रताप मिश्र ने कहा कि देश की आजादी के लिए गांधी, नेहरू पटेल, सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह का स्मरणीय योगदान है जिसके कारण आज देश को आजादी मिली।
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