तीर्थ क्षेत्र में निशक्तजनों के लिए संचालित जगतगुरु रामभद्राचार्य
विकलांग विश्वविद्यालय का विवि अनुदान आयोग की टीम ने निरीक्षण किया।
इस
मौके पर निशक्त छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत
किए गए। इनकी प्रतिभा की टीम ने जमकर सराहना की। सांस्कृतिक संध्या का
उद्घाटन कुलाधिपति जगतगुरु रामभद्राचार्य ने किया।
पीआरओ सूर्य प्रकाश
मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली से आई 14 सदस्यीय
टीम ने दो दिन विवि में रुककर यहां के सभी विभागों, संकायों, छात्रावासों,
पुस्तकालय, प्रबंधन विभाग और चिकित्सालय आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान
सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया।
निशक्त छात्रों ने ट्राई साइकिल
नृत्य किया। वहीं दृष्टि बाधित छात्रा अंजलि की गणेश वंदना और योग चेतना
सामूहिक नृत्य देखकर दर्शक मंत्र मुग्ध हो गए। निशक्त छात्र- छात्राओं की
प्रतिभाओं को देखकर टीम ने उनकी सराहना की।
इस अवसर पर कुलाधिपति ने दृष्टि
बाधित छात्रा अंजली की पूरी पढ़ाई का खर्च अपनी निजी कोष से देने की घोषण
की।
वाराणसी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी की
अध्यक्षता में आई टीम में जोधपुर राजस्थान से प्रो. उमा गर्ग, प्रो. राजीव
माहेश्वरी, प्रो. केपी पांडे, प्रो. रामाकृष्ण चल्ला, प्रो. एन के
अम्बस्ट, प्रो. कल्पना माथुर, प्रो. योगेंद्र सिंह वर्मा और डा. अजय कुमार
खंडूरी सयुंक्त सचिव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग थे।
टीम ने कुलाधिपति
जगतगुरु रामभद्राचार्य से बातचीत कर कहा कि निशक्त छात्र- छात्राओं की
प्रतिभाएं अद्भुत है। इस मौके पर कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे, कुलसचिव
प्रो. गिरिजा प्रसाद, वित्त अधिकारी आर पी मिश्र, एन बी गोयल, प्रो. कामता
प्रसाद, प्रो. शिवराज सिंह सेंगर, आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन
गोपाल मिश्र ने किया।