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प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटी में बंद

Wed, 09 Dec 2015 11:11 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, चित्रकूट
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 पंचायत चुनाव का अंतिम चरण मामूली नोंकझोंक के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 70.4 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने एक हजार अस्सी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद कर दिया। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक सभी संवेदनशील बूथों की निरंतर निगरानी करते रहे।
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 दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में तो अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष टीम भ्रमण करती रही। पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में बुधवार की सुबह मानिकपुर ब्लाक क्षेत्र के 62 प्रधान व 324 सदस्य पद के लिए मतदान शुरू हुआ।

शुरूआत तो मतदान बेहद धीमी रही, लेकिन लगभग चार घंटे बाद बूथों में लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई। मतदाताओं की भीड़ बढ़ी तो यह क्रम अंत तक जारी रहा। यहां तक कि कुछ बूथों में निर्धारित समय समाप्त होने के बाद तक मतदान जारी रहा।
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जिलाधिकारी नीलम अहलावत व पुलिस अधीक्षक केके चौधरी भारी पुलिस बल के साथ कौबरा, गौरिया, गढचपा, पतेरिया, हनुआ, छेरिहा खुर्द, अमचुर नेरूआ, ददरी माफी, ऐंचवारा, सेमरदहा, मडैययन, नौबस्ता, बराहमाफी व सरैंया के बूथों का निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने कुछ स्थानों पर मतदाताओं से भी बातचीत की। सभी को भयमुक्त होकर मतदान करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने की हिदायत दी।


अंतिम चरण के मतदान के दौरान कैलहा, खांच, सेहरिन, टिकरिया, नौबस्ता, पतेरिया, मडैययन, बेलहरी व सकरौंहा से कई बार फर्जी मतदान को लेकर शिकायतें मिली।

प्रत्याशी व एजेंट के साथ बूथों पर मौजूद पुलिस कर्मियों से हल्की नोंकझोंक भी हुई। ऐसे सभी मतदाताओं को जब पीठासीन अधिकारियों के पास ले जाया गया तो पहचान पत्र वालों को ही मतदान कराया गया। इससे सभी प्रत्याशी संतुष्ट रहे।


कुल एक लाख 29 हजार 892 मतदाताओं वाले ब्लाक क्षेत्र को तीन जोन व दस सेक्टर में बांटा गया था। कुल 224 बूथों में बुधवार को 70.4 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें 756 प्रधान व 324 सदस्यों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया।

 बुधवार को मानिकपुर ब्लाक में हुए पंचायत चुनाव के दौरान गढ़चपा गांव के पतरिया मजरा में बूथ संख्या 140 जूनियर हाई स्कुल में एजेंटो में हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया।

जानकारी के अनुसार दोपहर लगभग 3:30 बजे किसी मतदाता के द्वारा मतदान करने के लिए जाने पर उसका नाम न होने की बात को लेकर एजेंट आपस में उलझ गए। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने इनको पोलिंग बूथ से बाहर कर दिया। बाहर आकर इन्होंने लोगों से मतदान बूथ में गड़बड़ी होने की बात कही।

 इससे ग्रामीण भड़क गए और मतदान स्थल के पास एकत्रित हो गए। घटना की सूचना पर जिलाधिकारी नीलम अहलावत, एसपी केशव कुमार चौधरी, एडीएम महेशचंद्र शर्मा, एसडीएम रजनीश कुमार मिश्र, सीओ राजेश कुमार आदि पुलिस फार्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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 उत्तेजित भीड़ को खदेड़ने के दौरान प्रशासन को भीड़ से पत्थर बाजी का सामना भी करना पड़ा। लेकिन प्रशासन ने स्थिती को काबू में कर लिया।
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