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Chitrakoot News: नो इंट्री के चक्कर में फर्राटा भर मौत बांटते ट्रक

Tue, 02 Apr 2024 11:04 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। जिले में शहर समेत अन्य कस्बों में खनिज सामग्री व अन्य सामग्री लदे ट्रक व डंपर आए दिन सड़कों पर इतनी तेज गति से गुजरते हैं कि उनके पास से गुजरने वाले वाहन भी दहल जाते हैं। ऐसे वाहन चालकों को न तो प्रशासन का डर है और न अपने जीवन का। बस दूसरे के जीवन से खिलवाड़ करते नजर आते हैं। इन्हें रोकने के तमाम उपाय नाकाफी साबित होते हैं। इन वाहनों को नो इंट्री को लेकर भी अक्सर मौत बांटते देखा जाता है।
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मंगलवार को हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे में भी यह बात सामने आई है कि नो इंट्री का समय खत्म होने वाला था तो ऐसे में डंपर चालक जल्दी से शहर से बाहर निकलना चाहता था। घटना का समय लगभग सुबह पौने छह बजे का है और नो इंट्री सुबह साढ़े छह बजे से चालू होती है। जिला मुख्यालय में नो इंट्री का समय सुबह साढ़े छह बजे से लेकर रात साढ़े नौ बजे तक रहता है।
किसी भी दिन यह देखा जा सकता है कि रात में साढ़े नौ बजे के बाद शहर के अंदर से जो वाहन गुजरते हैं उनकी गति क्या होती है। हार्न बजाते खनिज सामग्री लादे वाहन तेज रफ्तार से भागते दिखते हैं। स्थानीय निवासी राजीव लखानी, नीरज केसरवानी, छेदीलाल यादव आदि ने बताया कि नो इंट्री का समय खत्म होते ही तेज रफ्तार से जाने वाले वाहनों से बचने के लिए घरों से भी निकलने में डर लगता है।
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जिला यातायात प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि नो इंट्री के समय किसी भी वाहन को शहर में प्रवेश नहीं दिया जाता है। वाहनों की गति नियंत्रण के लिए कई बार कहा जाता है। जो तेज रफ्तार से गुजरते हैं, उनका रात में ही चेकिंग कर चालान किया जाता है। अब और ज्यादा कडाई की जाएगी।
इनसेट
बाईपास न बनने से हो रही दुर्घटनाएं
चित्रकूट। शहर में बाईपास का निर्माण न होने से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। बाईपास बनाने की कई वर्ष से मांग की जा रही है। जिसकी घोषणा कई बार भाजपा के मंंत्री मंच के माध्यम से कर चुके है। इसमेंं बाईपास बनाने के लिए शिवरामपुर से सीधे पुरवा तरौंहा, लोढ़वारा कसहाई होते हुए खोह रेलवे क्रासिंग के आगे तक बाईपास का निर्माण होना है। इसकी स्वीकृत भी हो गई है। अभी निर्माण चालू नहीं हुआ। व्यापारी नेता सुशील कक्का, शानू गुप्ता, रामबाबू गुप्ता कहना कि बाईपास बनना बहुत जरूरी है। यदि बाईपास शहर में बन जाए तो दुर्घटनाओं में लगाम लग सकता है। बाईपास न बनने से भरतकूप में संचालित क्रशर मंडी पर इसका असर पड़ता है। यहां से सर्वाधित क्रशर मंडी में रोजाना करीब पांच सौ ट्रक गिट्टी व डस्ट लेकर दिनभर निकलते हैं।
-इनसेट
डंपरों की गति सीमा निर्धारित कराने की मांग
चित्रकूट। डंपर-ऑटो की भिड़ंत में सात लोगों की मौत पर बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने गहरा शोक संवेदना जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख और घायलों को पांच-पांच लाख की मदद देने की मांग की है। साथ ही बस्ती के बीच में ट्रकों की गति सीमा निर्धारित कराने की मांग की है।
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