देश भर में असहिष्णुता व सांप्रदायिक सद्भाव पर
बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं, लेकिन भगवान राम की तपोभूमि वर्षों की तरह आज
भी अतुलनीय है। इस भूमि पर सभी वर्ग के लोग आपसी भाईचारा व सद्भाव से रहते
हैं।
गुरुवार को हिंदू, मुस्लिम व ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों ने यह
उदाहरण सामने रखा। एक ही दिन में तीनों वर्ग के लोगों ने अपने धर्म के
अनुयायियों को याद किया। तीर्थक्षेत्र में पवित्र मंदाकिनी किनारे से विशाल
शोभा यात्रा निकली।
दोपहर को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर सेंटा क्लाज ने
बच्चों को उपहार दिय। शाम को मोहम्मद साहब को याद कर मुख्यालय में जुलूस
निकाला गया। तीनों वर्ग के लोगों ने एक दूसरे की भावनाओं का पूरा सम्मान
किया।
हंसजी महराज चित्रकूट जनाधार जनकल्याण सेवा संस्थान चैरिटेबल
ट्रस्ट द्वारा श्रीराम कथा महोत्सव की शुरूआत हुई। सुबह पीतांबर धारण कर
महिला पुरूष मंदाकिनी किनारे पहुंचे।
सिर पर कलश लेकर रामायण मेला परिसर के
पास पहुंचे। जहां स्वामी प्रपन्नाचार्य ने राम कथा शुरू की। इस मौके पर
विजय गर्ग, गोपाल अग्रवाल, अशोक गर्ग, सुनील व सुभाष अग्रवाल आदि मौजूद
रहे। मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद से मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर घोडे़ व
बैंडबाजे की धुन पर सैकड़ों समर्थकों ने जुलूस निकाला।
अल्लाह ओ अकबर के
नारे लगाते समर्थकों का जगह-जगह स्वागत किया गया। जुलूस उटारखाना से होते
हुए काजियाना मस्जिद में समाप्त हुआ। इसमें इमाम मुफ्ती सलाउददीन, सरफराज
काजी जी, फराज,रईस आदि शामिल रहे।
क्रिसमस की पूर्व संध्या पर लाल रंग के
कपडे़ व टोपी लगाकर सेंटा क्लाज जब बच्चों के बीच पहुंचा तो सभी खुश हो गए।
किंग्सन स्कूल में अभिभावकों ने सेन्टा के जिंगल बेल गाने में साथ खूब
मनोरंजन किया।
फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में प्रथम पुरुस्कार नर्सरी की
छात्रा अरबिया खानम, द्वितीय सीनियर केजी की छात्रा इशी व तृतीय पुरुस्कार
जुनैरा ने प्राप्त किया। परी केशरवानी को संात्वना पुरु स्कार दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन मिनहाज आलम खान एवं नरेन्द्र जायसवाल ने किया।