चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश राममणि पाठक ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में चार आरोपियों में से तीन को दोषी ठहराया है। एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। सभी दोषियों को पांच-पांच वर्ष की सजा दी। साथ ही प्रत्येक पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। यह फैसला 16 सितंबर 2018 को थाना कर्वी में दर्ज गैंगस्टर मामले में दिया।
मानिकपुर थाना क्षेत्र में इस गिरोह ने 18 मई 2018 को लतीफ नामक युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने मानिकपुर के सरैंया निवासी बिजेंद्र आरख, कौशांबी के गणेशपुर निवासी ओम प्रकाश उर्फ मुन्ना व कौशांबी के कटरी हणहावड़ निवासी नंद किशोर और रैपुरा के भखरवार निवासी नीरज यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में एक संगठित गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष दोनों की दलीलें सुनीं और बयान और साक्ष्य के आधार पर चार में से तीन आरोपियों मानिकपुर के सरैंया निवासी बिजेंद्र आरख, कौशांबी के गणेशपुर निवासी ओम प्रकाश उर्फ मुन्ना और कौशांबी के कटरी हणहावड़ निवासी नंद किशोर को दोषी करार दिया। जबकि रैपुरा के भखरवार निवासी आरोपी नीरज यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।