चित्रकूट। गठबंधन दलों के हठ ने भाजपा और सपा दोनों हाईकमान को ठंड के इस मौमस में पसीना ला दिया है। क्षेत्रीय दल अपना प्रत्याशी उतारने पर जोर दे रहे हैं। पार्टियां इससे असमंजस में पड़ गई हैं। यही वजह है कि दोनों सीट पर दोनों दल प्रत्याशी घोषित नहीं कर सके हैं।
भाजपा से अपना दल (एस) व निषाद पार्टी का गठबंधन है। वहीं सपा से प्रसपा और अपना दल (कमेरावादी) का गठबंधन है। इन गठबंधन वाली पार्टी के नेताओं को भरोसा है कि उनके कार्यकर्ताओं को ही टिकट मिलेगा। इसके लिए हाईकमान से बात हो रही है। जिले में पांचवें चरण में 27 फरवरी को मतदान होना है। दो विधानसभा सीट मानिकपुर व सदर चित्रकूट के लिए प्रत्याशियों के नाम की घोषणा भाजपा व सपा की ओर से नहीं की गई है।
बसपा की दोनों सीट व कांग्रेस की एक सीट से प्रत्याशी की घोषणा के बाद सब भाजपा व सपा के प्रत्याशियों के बारे में जानना चाहते हैं। इसमें देरी होने से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। खासकर भाजपा के लिए कहा जाने लगा है कि सदर चित्रकूट को छोड़कर मानिकपुर की सीट के लिए सहयोगी अपना दल (एस) व निषाद पार्टी के नेताओं ने अपने लिए सीट मांगी है। इससे भाजपा हाईकमान चिंतित है।
कुछ इसी प्रकार चर्चा है कि समाजवादी पार्टी के सहयोगी प्रसपा और अपना दल (कमेरावादी) ने भी दो सीट में एक सीट देने का दबाव बनाया है। इससे सपा की गणित बिगड रही है।
पहले भी दे चुके गठबंधन को सीट
चित्रकूट/मानिकपुर। जिले की मानिकपुर सीट कई बार गठबंधन धर्म में जा चुकी है। भाजपा ने मानिकपुर सीट एक बार अपना दल को दी थी। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश ने बताया कि 2007 में ऐसा हुआ था। इसी प्रकार सपा ने कांग्रेस से गठबंधन के दौरान 2019 में मानिकपुर सीट कांग्रेस को दी थी। हालांकि दोनों दलों को इससे कोई फायदा नहीं हुआ था। इधर, इन गठबंधन वाले दलों के नेता दिल्ली व लखनऊ में अपने पार्टी हाईकमान कार्यालय में डेरा जमाए हैं और दावेदारी कर रहे हैं।