चित्रकूट। प्रदेश के कोषागारों में पेंशन और एरियर भुगतान से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की परतें अब और खुलेंगी। अमर उजाला ने एक महीने पूर्व ही प्रदेश के विभिन्न कोषागारों में पेंशन भुगतान में अनियमितताओं और घोटालों की आशंका जताई थी। शनिवार को 84 वर्षीय पेंशनर जोगवा देवी की अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए अदालत ने प्रदेश के सभी कोषागारों में अनधिकृत भुगतानों की जांच के निर्देश दिए हैं। इससे कोषागार महकमे में खलबली मच गई है।
17 अक्तूबर 2025 को अमर उजाला ने चित्रकूट कोषागार में हुए इस बड़े घोटाले को उजागर किया था। अमर उजाला ने अपनी खबर के माध्यम से यह संकेत दिया था कि अन्य कोषागारों में भी ऐसी ही अनियमितताएं हो सकती हैं। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी कई बार अधिकारियों को चित्रकूट जैसे घोटाले से बचने की चेतावनी दी थी लेकिन जांच नहीं कराई गई। अमर उजाला द्वारा उठाए गए सवालों और संभावित घोटालों की आशंकाओं के बीच, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिकाओं पर शनिवार को सुनवाई करते हुए यह बड़ा कदम उठाया है।
न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी कोषागारों में बकाया पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्त लाभों के अनधिकृत भुगतानों की जांच कराई जाए। कोर्ट के इस आदेश से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
रविवार को भी जिला कोषागार कार्यालय खुला रहा। हाईकोर्ट के निर्देश की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों में हड़कंप है। उनका मानना है कि यदि सरकार ने विभाग की स्थापना के समय से जांच शुरू करवाई तो घोटाले की धनराशि, पीड़ितों और बिचौलियों की संख्या बढ़ सकती है। कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि घोटाला 100 करोड़ रुपये तक का हो सकता है।
नहीं मिल रहे जमानतदार, पेंशनर पुत्र परेशान
चित्रकूट। हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मंजूर होने के बाद पेंशनर ब्यूर गांव निवासी 84 वर्षीय जोगुवा देवी के परिजन खुश हैं लेकिन उनके सामने अब नई समस्या आ रही है कि जेल से छुड़वाने के लिए दो जमानतदार नहीं मिल रहे हैं। पेंशनर के पुत्र शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही इसका इंतजाम कर जेल में जाकर अपनी मां को छुड़वाने का प्रयास कर रहे हैं। दो दिन से अभी उन्हें कोई जमानतदार नहीं मिल पाया है। इससे आगे की कार्रवाई में अड़चन आ रही है। (संवाद)
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सफाई देते रहे पेंशनर व बिचौलिए, अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी
चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में एसआईटी की जांच में रविवार को चार और पेंशनर अपनी सफाई देने पहुंचे। लगभग दो घंटे तक अपने कागजात आदि दिखाने के दौरान खुद को मामले से अंजान बताने का प्रयास किया। इसके अलावा जांच टीम ने फिर से विभाग के इसके पूर्व के वरिष्ठ कोषाधिकारी व एटीओ से पूछताछ की तैयारी कर रहे हैं। नोटिस तो पहले ही जारी हो चुकी है। (संवाद)