मऊ/बरगढ़ (चित्रकूट)। सामूहिक दुष्कर्म के चारों आरोपिों का पुलिस अभी तक सुराग नहीं लगा पाई है। इस मामले के खुलासे में हो रही देरी पर परिजनों ने थाने के दरोगा और कुछ पुलिसकर्मियों पर सांठगांठ के आरोप लगाये हैं। इनकी काॅल की जांच कराने की मांग की है।
बरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव की नर्स से साथ 26 अक्तूबर की सुबह अस्पताल जाते समय रास्ते में चार युवकों ने दुष्कर्म कर उसका हाथ बांधकर रेल पटरी पर फेंक दिया था। घटना के आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इस मामले में एसपी अरुण कुमार सिंह ने थाना प्रभारी राकेश मौर्य को निलंबित कर दिया था। पीड़िता के बयान के आधार पर प्रमुख आरोपी का स्कैच बनवाकर वायरल भी कराया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
रविवार को पीड़िता के भाई ने आरोपियों के न पकड़े जाने पर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि थाने के कुछ दरोगा और सिपाही आरोपियों से मिले हैं। इसके चलते आरोपी पकड़ से दूर हैं। इनके मोबाइल कॉल की डिटेल की जांच कराई जाए तो कुछ सफलता मिल सकती है।
थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि मामले में कई सुराग मिले हैं। टीमें गोपनीयता से जांच और खोजबीन कर रहींं हैं। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। स्वास्थ्य खराब होने के कारण पीड़िता का बयान अदालत में नहीं हो पाया था। सोमवार को उसके बयान कराने के प्रयास किए जाएंगे। इससे जांच में और मदद मिलेगी। थाने के दरोगा और सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध होने के सवाल पर कहा कि ऐसा नहीं है। यह गंभीर मामला है। किसी के खिलाफ भी सबूत मिलने पर कार्रवाई होगी।