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दो दिन की मियाद पूरी पर नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट

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चित्रकूट। जिले के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र में डाकू गौरी गैंग के सदस्य भालचंद्र की एसटीएफ व पुलिस से मुठभेड़ मामले में अदालत द्वारा तत्कालीन एसपी समेत 17 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में दो दिन की मियाद शनिवार को खत्म हो गई। इसके बावजूद अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। आरोपी पक्ष अदालत के आदेश के बाद हाईकोर्ट में रिवीजन के लिए कागजात प्रस्तुत किए है।
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गौरतलब है कि 31 मार्च को 25 हजार के इनामी भालचंद्र की जिले में एसटीएफ व पुलिस टीम से मुठभेड़ में गोली लगने से मौत हुई थी। पुलिस व एसटीएफ ने मृतक को डाकू गौरी गैंग का इनामी सदस्य बताया था। मृतक के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। बृहस्पतिवार को जिले की अदालत ने परिजनों की याचिका स्वीकार कर तत्कालीन एसपी समेत एसटीएफ व पुलिस के 17 लोगों के खिलाफ दो दिन के अंदर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। शनिवार को अदालत की मियाद खत्म हो गई, लेकिन अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। इस संबंध में एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि अभी रिपोर्ट दर्ज हुई है। दरअसल जिन्हें आरोपी बताया गया है, उस टीम ने इस आदेश के रिवीजन के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। ऐसे में अदालत के आदेश का इंतजार करना होगा।
इनामी होने पर भी बना था मनरेगा जॉबकार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
मानिकपुर (चित्रकूट)। एसटीएफ पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के मामले में मारे गये डकैत भालचंद्र के बारे मेें परिजन कई तरह के तथ्य आम जनता के सामने दे रहे हैं। इसमेें मनरेगा के तहत मजदूरी करने की बात कही जा रही है। उसके नाम जॉबकार्ड होने का दावा किया है। बताया गया है कि भालचंद्र ने वर्ष 2020 में 9 से 22 अक्तूूबर, 23 से 29 अक्तूबर से 13 नवंबर व 6 दिसंबर से 19 दिसम्बर तक मनरेगा के तहत कार्य किया है। इसमें मंदाकिनी नदी, काली दाई बगार पड़मनिया मेेें कार्य किया है। पुलिस ने इस मामले मेें अब तथ्य जुटना शुरू कर दि या है। कहा कि इनामी होने के बाद भी शरण देने वाले व मनरेगा में काम की तस्दीक होने पर कार्रवाई की जाएगी। भालचंद्र के जाबकार्ड का नंबर एमपी 12-004 096-004/ए है। सूत्रों के मुताबिक भालचंद्र व उसकी पत्नी नथुनिया दोनो के जॉबकार्ड गांव की सरपंच ने बनवाए थे। कहा जा रहा है डकैत गौेरी की बहन सरपंच है। उसी ने जॉबकार्ड बनवाया था।
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