फोटो 26 सीकेटीपी-13- परिचय- रामलीला के मंचन में भक्ति गीत पर नृत्य करते कलाकार। संवाद
चित्रकूट। अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव में श्रीराघव प्रयाग घाट में माता सीता के हरण की लीला का मंचन कलाकारों ने किया तो दर्शक अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पाए।
इंडोनेशिया के कलाकारों ने संस्कृति और कला के सौंदर्य स्वरूप के दर्शन कराए। राजा जनक अपनी पुत्री सीता का विवाह भगवान राम से करवाते हैं। इसके बाद श्रीराम को चौदह वर्ष के वनवास जाने, केवट के द्वारा अपनी नाव में बिठाने से पहले राम के चरण धोने की लीला का मंचन किया। फिर दिखाया गया कि रावण ने सीता मां का अपहरण कर लिया। जानकारी होने पर श्रीराम विचलित हो जाते हैं और माता सीता की खोज में निकल पड़ते हैं।
इसके बाद हनुमान जी का प्रवेश, वानर सेना की तैयारी और लंका जाने की तैयारी के प्रसंग दिखाए गए। प्रो. यूलियांति ने बताया कि रामायण भारत से धर्म और संस्कृति के साथ इंडोनेशिया पहुंची है। इसके अलावा राजापुर, शहर के पुरानी बाजार व नई बाजार में रामलीला देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।
फोटो 26 सीकेटीपी-13- परिचय- रामलीला के मंचन में भक्ति गीत पर नृत्य करते कलाकार। संवाद