फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chitrakoot News: सिखाए लोकगीत, गाए बधाई गीत

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। पारंपरिक गीतों की कार्यशाला जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में हुई। इसमें बुंदेलखंडी लोकगीत और संस्कार गीतों का प्रशिक्षण कलाकारों और छात्र-छात्राओं को दिया गया।
विज्ञापन

कार्यशाला संत कबीर अकादमी, संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश एवं संगीत विभाग जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के सभागार मेंं हुई। कलाकार मोहित तिवारी ने बुंदेलखंडी लोकगीत रंगबे चुनर, सजनी भई ऋतुराज अवाई, पीपल की छैयां बैठो मोरे सैयां, मोपे रंग ना डारो सांवरियां सुनाए।
प्रशिक्षक डॉ. श्रेया पांडेय ने देवी गीत प्रस्तुत किया, जय हो जय हो शारदा भवानी, पति राखो महारानी व सोहर गीत कृष्ण जन्म जब भयो। बधाई गीत गोकुल बजत बधइया और मुंडन गीत केल्ह करई रघुनंदन, झलरि मुड़ावई गाया।
विज्ञापन

कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला संयोजक डॉ. गोपाल कुमार मिश्र ने कहा कि जीवन मूल्यों के संरक्षण पर चर्चा की गई। कुल सचिव मधुरेंद्र कुमार पर्वत, संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विनोद कुमार मिश्र, डॉ. ज्योति विश्वकर्मा, डॉ. विशेष नारायण मिश्र कार्यशाला की सह संयोजक डॉ. ज्योति भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें