फोटो - 2- आनलाइन पढ़ाई करती बालिकाएं
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। नए शिक्षा सत्र में लॉकडाउन होने से स्कूल कालेज बंद है। अब छात्र-छात्राएं ऑनलाइन के माध्यम से पढ़ाई करने में जुट गए है। जिसमें संचार क्रांतिं उनके लिए वरदान साबित हो रही है। जिसमें व्हाट्स एप, फेसबुक व यूट्यूब और मोबाइल से छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है।
नए सत्र की शुुरुआत के 15 दिन हो गए है। लॉकडाउन के चलते कालेज भी नहीं खुले जिसको देखते हुए कुछ स्कूलों के शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे है। जिसके लिए अभिभावक गुरुजी बन गए है। हाथ में मोबाइल लेकर छात्र अपने परिवार का सहारा ले रहे है। शहर से लगे अमानपुर कस्बे में छात्रा दिव्या पुत्री इंदेश व पीहू पुत्री जितेंद्र ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई पहले नहीं किया था। पहली बार शुरू होने से सीखने का मौका मिल रहा है। इस संबंध में कई अभिभावकोें ने कहा कि यह कुछ मजबूरी है लेकिन इस तरह मोबाइल व लैपटॉप से स्कूलों की नियमित पढ़ाई बेहद खर्चीली होगी। बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। लॉकडाउन के चलते इन दिनों परिवार चलाना मुश्किल है तो मोबाइल व लैपटॉप में ई-रिचार्ज कराना भी खर्चीला साबित हो रहा है। इससे बच्चों के दिमाग व आंखों पर गहरा असर पड़ रहा है। पूरे मामले में डीआईओएस बलिराज राम व बीएसए प्रकाश सिंह ने बताया कि शिक्षण सत्र को पिछड़ने से बचाने के लिए यह तरीका अपनाया गया है। अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई व स्वास्थ्य दोनों का ख्याल रखने को कहा गया है। यह भी कहा कि इस विकराल स्थिति में आनलाइन पढ़ाई चालू होेने से बच्चों का दिमाग भी पढ़ाई की ओर लगा रहेगा।