चित्रकूट/भरतकूप। पत्थर खदान व क्रशर उद्योग में लगे मजदूरों की बस्ती में चार दिन से लॉकडाउन है। सभी कामकाज बंद हैं। इससे मजदूर परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी की समस्या बन गई है। भरतकूप इलाके में मजदूरी के बदले कि शोरियों से यौन शोषण के आरोप की जांच चल रही है। इससे खदान संचालक, पट्टाधारक, क्रशर मालिक शासन प्रशासन की निगाह में हैं।
भरतकूप इलाके की किशोरियों के साथ मजदूरी के बदले यौन शोषण के मामले की जिला स्तरीय छह सदस्यीय टीम जांच कर रही है। राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग की टीम ने शुक्रवार को जांच की थी। खदान संचालक, पट्टाधारक, क्रशर मालिक जांच के दायरे में हैं। इससे चार दिन से खदानें व क्र शर बंद हैं। मजदूरों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा होने लगा है। क्रशर यूनियन के मिथलेश गर्ग, रामेंद्र गौतम, नीरज सिंह, सुग्रीव, मो. रफीक आदि ने अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह को ज्ञापन देकर बताया कि व्यापार प्रभावित हो रहा है। जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। बाकी लोगोें को क्रशर व खदान संचालन की अनुमति दी जाए। कहा कि कुछ अराजकतत्व क्रशर मंडी को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
शनिवार को जांच के लिए नहीं पहुंची टीम
जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय की ओर से गठित छह सदस्यीय टीम इस मामले में जांच कर रही है। डीएम को अंतरिम रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है। मुख्य जांच जारी है। शनिवार को लॉकडाउन के चलते जांच टीम भरतकूप क्षेत्र में नहीं पहुंची। जांच टीम के अध्यक्ष सदर एसडीएम एके पांडेय ने बताया कि रविवार को टीम जांच करने जाएगी।