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चित्रकूट में नदी की धारा रोककर जेसीबी से चीर रहे सीना

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फोटो- 1- गडौली घाट पर नदी में पुल बनाकर बालू को ढुलान करते मजदूर व अन्य - फोटो ग्रामीण स्त्रोत - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट/पहाड़ी। पहाड़ी थाना क्षेत्र के गडौली घाट पर बालू ढुलान के नियमों की अनदेखी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार के कर्मचारियों ने नदी की धारा को रोककर अस्थाई पुल बना लिया है। इसके बाद जेसीबी से बालू नदी से निकाल कर बांदा की ओर ले जा रहे हैं। चित्रकूट की ओर से आने जाने वाले बालू का काम करा रहे कर्मचारी तय पटटा क्षेत्र से अधिक स्थान पर बालू निकासी कर राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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जिले के गडौली घाट पर शासन से स्वीकृत बालू का पटटा हुआ है। इस पटटा क्षेत्र में जब से बालू ढुलान शुरु हुआ है तब से विवाद हो रहा है। कुछ दिन पूर्व ही छह ग्रामीणों पर खनन कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। खेत से बालू लदे वाहन निकालने को लेकर विवाद हुआ। शुक्रवार को ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बालू खनन करने वालों ने नदी में बालू व बोरियां रखकर नदी की धारा में अस्थाई पुल बना दिया गया है। इसके बाद जेसीबी से बालू निकाली जा रही है। यह बालू बांदा जिले की दिशा की ओर लेकर जा रहे हैं। ग्रामीणों ने अस्थाई पुल हटवाने की मांग की है।
नहीं है जानकारी
चित्रकूट। जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने भी सोशल मीडिया पर इसकी फोटो और वीडियो देखा है। यह स्थान तो इसी नदी क्षेत्र का है लेकिन इस पुल के बनाने की जानकारी नहीं है। जल्द ही मौके पर जाकर इसकी जांच करेंगे। यदि शिकायत सही मिली तो ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उधर ठेकेदार शिवचंद त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने नदी में पुल नहीं बनाया है। आरोप गलत हैं कुछ ग्रामीण गलत सूचना दे रहे हैं।
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