चित्रकूट। 1262 परिषदीय स्कूलों में बच्चों को सीखने के स्तर को परखने के लिए निपुण आकलन 15 जनवरी से शुरु होगा। जो दो माह तक चलेगा। इसमें डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद से बच्चों की आधार भूत दक्षता, गणितीय समझ तक का आकलन किया जाएगा। 80 से 90 फीसदी निपुण बच्चे मिलने पर ही स्कूल को निपुण घोषित किया जाने की तैयारी है।
जिले के कुल 1262 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की दक्षता का आकलन किया जाएगा। यह आकलन निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से कराने की तैयारी की जा रही है। डीएलएड प्रशिक्षु छात्रों की दक्षता का आकलन कर निपुण लक्ष्य एप पर अपलोड करेंगे। इसका उद्देश्य प्राथमिक स्तर के बच्चों में पढ़ने लिखने, भाषा-बोध और गणितीय समझ को मजबूत करना है। मूल्यांकन में भाषा कौशल, सरल पाठ पढ़ना, कहानियां और कविताएं, संख्याओं की पहचान, जोड़, घटाना, गुणा, भाग आदि का परीक्षण शामिल होगा।
डायट प्राचार्य (बीएसए) बीके शर्मा ने बताया कि निपुण आकलन के लिए प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देकर टीम गठित की जाएगी। जो स्कूलों में जाकर बच्चों से सवाल जवाब कर उनकी परिपक्वता से परिचित होंगे, उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही निपुण के रूप में विद्यालय का चयन किया जाएगा। बताया कि शिक्षकों के एसआईआर में बीएलओ ड्यूटी में लगे होने के कारण 15 जनवरी से 15 मार्च के बीच आकलन कराया जाएगा। प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण जल्द ही दिया जाएगा।