चित्रकूट। वाल्मीकि आश्रम के पूर्व महंत भरत दास की गिरफ्तारी न होने पर विभिन्न मंदिरों के महंतों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भरत दास पर आश्रम को बदनाम करने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।
महंत रामदास महाराज ने बताया कि भरत दास ने आश्रम में आतंक फैलाया, पुजारी और महिलाओं से अभद्रता की। उन्होंने अश्लील शब्दों का प्रयोग भी किया, जिससे संत समाज दुखी है। ओमदास महाराज ने कहा कि भरत दास पहले भी कई मंदिरों में ऐसी हरकतें कर चुका है और उसे महंत समाज से हटा दिया गया है। उसके खिलाफ 11 प्राथमिकी दर्ज हैं, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। संतों ने मांग की कि भरत दास को असावर माता मंदिर और वाल्मीकि आश्रम में प्रवेश करने से रोका जाए। इस मौके पर संत इंद्रपाल, नारायाण दास, महादेव दास, सुखराम, रामदास, मनोज कुमार, बलराम समेत अन्य मौजूद रहे।