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डाकू बबुली की पत्नी ने रींवा में लिए सात फेरे

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फोटो- 4- डाकू बबुली कोल की पत्नी गुडिया देवी सिरमौर के एक मंदिर में रींवा के सुनील उर्फ अनिल कुमार क? - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। कुख्यात साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल के मारे जाने के बाद उसकी पत्नी गुड़िया देवी ने मजदूरी कर जीवीकोपार्जन किया। अब उसे दूसरा जीवन साथी भी मिल गया है। हालात से समझौता कर लगभग 32 वर्षीय गुड़िया ने रीवा मप्र निवासी एक 59 साल के व्यापारी से एक मंदिर में शादी कर ली है। शादी समारोह बेहद गुपचुप तरीके से हुआ। जिसमें वर पक्ष के ही ज्यादातर परिजन शामिल हुए। इस शादी की भनक लगते ही पुलिस भी सक्रिय हुई लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसमें कोई अपराध नहीं बनता दोनों बालिग हैं। किसी को आपत्ति भी नहीं है।
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इसी साल दो माह पूर्व 14 सितंबर को मप्र के मझगवां सतना थाना क्षेत्र के जंगल में डाकू बबुली कोल व डाकू लवलेश कोल के मारे जाने के बाद से उनके परिजन इधर-उधर फिर रहे हैं। खासकर डाकू बबुली की पत्नी गुड़िया देवी अपनी इकलौती पुत्री के साथ जीविकोपार्जन के लिए मजदूरी कर रही थी। जिले की सीमा से सटे रीवा मप्र जिले के सिरमौर थानाक्षेत्र के गांव डाढ़ में डाकू बबुली की पत्नी गुड़िया देवी मजदूरी कर जीवन यापन कर रही थी। इसी बीच ब्याज में रुपये देने का काम करने वाले रीवा निवासी सुनील उर्फ अनिल कुमार का भी मजदूरों को उधार दिए रुपये वसूलने के लिए भी आना जाना था। तभी उसकी गुड़िया देवी से मुलाकात हो गई। दरअसल सुनील उर्फ अनिल की चित्रकूट जिले के पाठा क्षेत्र में रिश्तेदारी है। जहां उसका आना जाना है। चित्रकूट मानिकपुर क्षेत्र की गुड़िया देवी के होने से बोलचाल होने लगा।
सुनील उर्फ अनिल सिंह ने बताया कि उसे पता चल गया है कि गुड़िया डाकू बबुली की पत्नी थी। गुड़िया की रजामंदी से ही उसने शादी की है। गौरतलब है कि सुनील की अभी तक शादी नहीं हुई थी। सिरमौर के शिवमंदिर में दोनों ने एक दूसरे को माला पहनाकर शादी कर ली है। इस संबध में आईजी जोन रीवा चंचल शेखर ने बताया कि यह सही है कि डाकू बबुली की पत्नी गुडिया ने सुनील उर्फ अनिल से शादी कर ली है लेकिन उसके व्यक्तिगत जीवन से पुलिस का कोई लेना देना नहीं है। गुड़िया देवी पर भी पुलिस ने कई केस लगाए हैं और कई बार जेल भी जा चुकी है। जब भी डाकू बबुली आदि कोई वारदात करते थे तो यूपी एमपी की पुलिस डाकू के परिजनों को ही पकड़कर जेल भेजती थी।
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तलाश लिया नया जीवन साथी
चित्रकूट। गुडिया देवी सिंह दरअसल राजापुर क्षेत्र के यमुनापार एक गांव की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गुड़िया की शादी घरवालों ने जहां की थी वहां विवाद होने पर वह चित्रकूट मऊ क्षेत्र की ओर पहुंच गई। जहां डाकू गौरी यादव गैंग के डाकू हरिश्चंद्र पटेल से उसकी दोस्ती हो गई और वह उसके साथ रहने लगी। इसी बीच डाकू गोप्पा का डाकू हरिश्चंद्र से विवाद हो गया तो डाकू हरिश्चचंद्र की हत्या हो गई। इसके बाद गुड़िया देवी मानिकपुर के पाठा क्षेत्र पहुंच गई तब सन 2014- 15 में डाकू बलखड़िया गैंग के दाहिने हाथ डाकू बबुली कोल से उसकी दोस्ती हो गई। दोनों ने शादी भी की। अब 2019 में बबुली के मारे जाने के बाद उसने नया जीवनसाथी तलाश लिया है।
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