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छह दिन तक न पीटा न मांगी फिरौती, हाथ बांध छोड़ा

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फोटो- 7- अस्पताल में भर्ती अपहृत शिक्षक धर्मेंद्र प्रभाकर - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। शहर के बीआरसी भवन के पास से दिनदहाड़े अपहृत शिक्षक सात दिन बाद नाटकीय ढंग से सकुशल बरामद हो गया। उसकी कहानी किसी फिल्मी कहानी की तरह है जिस पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है। बताया कि छह दिन तक न उसे पीटा गया और न ही किसी प्रकार से रुपये की मांग की गई। उसने बताया कि छह दिन तक उसे आंख में पट्टी बांधकर अज्ञात स्थानों पर रखा। फिर हाथ बांध कर रविवार को तड़के एक सूनसान स्थान पर फेंक गए। कुछ देर बाद उसने अपने को भरतकूप रेलवे स्टेशन के पास पाया। एक यात्री के फोन से 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस उसे पकड़कर जिला अस्पताल ले गई। फिर शाम तक कोतवाली में पूछताछ करती रही। अपहृत शिक्षक के परिजन भी कोतवाली पहुंच गए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह अपहरण नहीं बल्कि स्वरचित योजना से शिक्षक गायब हुआ था। पूरी जांच के बाद इसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बस इतना जरूर है कि शिक्षक के मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली है। खबर लिखे जाने तक पुलिस पूछताछ में जुटी है।
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गौरतलब है कि सोमवार को शहर के बीआरसी से उरई जिले का शिक्षक धर्मेंद्र प्रभाकर पुत्र सीताराम रहस्यमय ढंग से गायब हो गया था। जिस पर भाई पंकज प्रभाकर ने शिक्षिका व शिक्षामित्र समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस खोजबीन में जुटी थी। शिक्षक ने बताया कि खम्हरिया प्रावि में शिक्षक है। सोमवार के पूर्व वह मेडीकल अवकाश के बाद आया था। इस मेडीकल को लगवाने के लिए बीआरसी में एक शिक्षक की तलाश पहुंचा था। कुछ देर बाद पता चला कि स्टेशन में है। इस पर बाइक बीआरसी में खड़ी कर स्टेशन गया। जहां एक दूसरे शिक्षक ने बस स्टैंड में होने की बात कही और उसी के साथ ई रिक्शा से बस स्टैंड पहुंचा। तभी चार पहिया वाहन से दूसरा शिक्षक आया और बैठाकर ले गया। इसके बाद आंख में पट्टी बांधकर कमरे में बंद कर दिया। मारपीट नहीं की और न ही फिरौती मांगी। अपहरण करने के किसी ठोस वजह को भी नहीं बताई। हालांकि उसने इस शिक्षक का नाम नहीं बताया। पुलिस द्वारा जानकारी मिलने पर मां सावित्री देवी, भाई पंकज व अनिल समेत अन्य परिजन कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने इन सबसे से भी पूूछताछ की है। इस संबंध में सीओ सिटी रजनीश यादव ने बताया कि शिक्षक से पूछताछ की जा रही है। अबतक उसकी बातों से कुछ विश्वास नहीं हो रहा है।
प्रेम प्रसंग के इर्दगिर्द घूम रहा मामला
चित्रकूट। प्रथम दृष्टया पुलिस यह मान रही है कि शिक्षक ने स्वत: ही अपहरण का नाटक किया था। इसकी प्रेमिका की शादी 22 नवंबर को होनी थी। जो इस कांड के कारण कैंसिल हो गई। इसके एक दिन बाद ही शिक्षक बरामद हो गया। उसके शरीर व बोलचाल से कहीं नहीं लग रहा कि उसका किसी ने अपहरण किया था। उसके मोबाइल से पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। प्रेमिका का मैसेज भी मिला है। हालांकि शिक्षक ने कहा कि अब उसका प्रेमिका से कोई लेना देना नहीं है। सीओ सिटी रजनीश यादव ने कहा कि अभी गहन पूछताछ होगी। शिक्षक के अपहरण मामले में पूरी कहानी प्रेम प्रसंग के इर्दगिर्द ही घूम रही है। कोई और दोषी न मिला तो कथित अपहरण का नाटक करने वाले शिक्षक पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कुछ लोगों से खतरा था
चित्रकूट। रविवार को लौटे शिक्षक ने बताया कि उसके अपहरण में किसका हाथ है यह उसे नहीं पता लेकिन उसे कुछ लोगों से खतरा था। जिसकी सूचना भरतकूप चौकी में दी थी। प्रेमिका समेत उसके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में कहा कि उसे इसकी जानकारी नहीं है। उधर नामजद आरोपियों ने इस घटना के लिए खुद शिक्षक को ही दोषी माना है और साजिशन उन्हें बदनाम कर फंसाने का आरोप लगाया है।
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