पहाड़ी (चित्रकूट)। चार दिन से लापता किराना व्यापारी का शव पहाड़ी थाना क्षेत्र के नांदी तालाब के पास मिला। व्यापारी की पत्थर से कूचकर हत्या की गई और शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। व्यापारी के भजीते की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही चाचा-भतीजे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि लेनदेन के विवाद में हत्या की बात सामने आ रही है। आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगाईं गईं हैं।
चकगौरा गांव निवासी बृृजजीवन लाल (50) की मकान में ही किराने की दुकान है। बीती छह मई को दुकान बंद करने के बाद बृजजीवन बाजार के लिए घर से निकला था, तब से उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। मंगलवार की रात पहाड़ी थाना अंतर्गत बेला तालाब के पास उसका अधजला शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव का चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा जला हुआ था।
आशंका जताई गई कि पत्थर से कूचकर हत्या के बाद शव को जलाया गया है। बृजजीवन के भतीजे सोहनलाल ने कपड़ों व शरीर के बाकी हिस्सों से चाचा के शव की शिनाख्त की। बुधवार को भतीजे ने थाने में तहरीर देकर बताया कि चाचा बृजजीवन से गांव के केदार व अश्वनी ने दो लाख रुपए कर्ज लिया था।
दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा है। केदार ने 50 हजार रुपये लौटा दिए थे, लेकिन बाकी के डेढ़ लाख रुपये नहीं लौटा रहे थे। रकम मांगने पर दोनों चाचा को धमका भी रहे थे। थाना प्रभारी पहाड़ी अजीत पांडेय ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक बृजजीवन ने अपनी दुकान के बाहर पेंट से केदार और अश्वनी के नाम के साथ अपनी डेढ़ लाख की उधारी की बात लिख रखी थी। इससे दोनों आरोपियों को अपनी बदनामी महसूस हुई और उन्होंने बृजजीवन को ठिकाने लगाने की ठान ली।
बृजजीवनलाल अविवाहित था। थाना प्रभारी रैपुरा नागेंद्र कुमार नागर ने बताया कि परिजनों ने व्यापारी के गायब होने की सूचना पुलिस को नहीं दी थी। घटना स्थल पर मृतक का मोबाइल मिला लेकिन उससे सिम गायब था। इसके अलावा चप्पल, लुंगी व अन्य कपड़े भी बरामद हुए हैं।