चित्रकूट। जिले में 1006 एमटी मैट्रिक टन खाद पहुंच गई। जिसको सहकारी समिति में पहुंचाया गया। खाद मिलते ही किसानों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं कुछ समितियों में समय से खाद न पहुंचने से बट नहीं सकी।
रबी के सीजन में गेहूं की बुआई के बाद कई दिनों से जिले में डीएपी खाद की किल्लत रही। कई स्थानों पर प्रदर्शन कर विरोध भी जताया गया। चित्रकूट जिले में शासन की ओर से 1006 एमटी मैट्रिक खाद आ गई। जिसको सीधे ही समितियों में भेजा गया। जहां जिला मुख्यालय के सहकारी क्षेत्रीय समिति कर्वी में डीएपी खाद का वितरण किया गया। किसान ई- रिक्शा व अन्य साधनों के माध्यम से खाद को अपने घर ले गए। किसान मन कुमार ने बताया कि कई दिनों से डीएपी खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे थे। बुधवार को डीएपी खाद मिल गई। सहकारिता निबंधक नरेंद्र सिंह ने बताया कि डीएपी खाद की किल्लत को दूर करने के लिए शासन की तरफ से 1006 एमटी मैट्रिक टन खाद भेजी गई है। जिसको समितियों में भेजा गया है। जहां बुधवार को बांटने का कार्य भी किया गया है।
खाद की किल्लत, कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन
चित्रकूट। खाद व बीज की समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष कुशल सिंह ने कहा गया कि उत्तर प्रदेश में इस समय खाद की आपूर्ति सरकार नहीं कर पा रही है। जिससे किसान परेशान है। जिला उपाध्यक्ष रंजना पांडेय ने कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो आंदोलन करेंगे। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री नीरू गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, महेंद्र सिंह, विनय कुमार, विकास दुबे, विवेक सिंह, आदि मौजूद रहे। संवाद
खाद की जमाखोरी रोकने के लिए छापा
चित्रकूट। जिला कृषि उप अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि डीएपी खाद निर्धारित रेट पर मिलने व खाद की कालाबाजारी रोकने लिए चेकिंग अभियान चलाया गया। जिला स्तरी पर गठित टीमेें सभी जिले के सभी तहसीलों क्षेत्रों मेें उर्वरक विक्रेताओं दुकानों व गोदामों का निरीक्षण किया। जिसमें पीओएस मशीन से भौतिक स्टॉक का सत्यापन पाया गया। दुकानदारों से कहा गया है कि रेट बोर्ड लगाये, स्टॉक का प्रदर्शन व केवल पीओएस मशीन के जरिये ही उर्वरक बेचने का कार्य करे। बताया कि जिले में डीएपी की 1006 मीट्रिक टन डीएपी खाद आ गई है। किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है।