चित्रकूट। शहर के एसडीएम कॉलोनी निवासी ई रिक्शा चालक फूलचंद्र जायसवाल की खुदकुशी के मामले में जांच टीम ने कई के बयान दर्ज किए। सीसीटीवी फुटेज भी रिकार्ड में शामिल किए गए हैं। एआरटीओ व पीटीओ के अलावा कोतवाली पुलिस टीम के सदस्यों के बयान हुए। बयान के वक्त अधिकारी पसीना पोछते नजर आए। पीटीओ ने तो साफ कहा कि रुपये मांगने का कोई सबूत नहीं है।
छह मार्च को परिवहन विभाग व पुलिस टीम ने शहर में चेकिंग के दौरान ई रिक्शा की चेकिंग की थी। इसमें आरोप लगा था कि फूलचंद्र का रिक्शा परिवहन विभाग की टीम ने पकड़ लिया और छोड़ने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत मांगी गई थी। इससे क्षुब्ध होकर फूलचंद्र ने आत्महत्या कर ली थी। मामले में डीएम ने जांच कमेेटी गठित की थी।
बुधवार को इसी मामले में एडीएम व अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी की मौजूदगी में सभी के बयान लिए गए। एआरटीओ विवेक शुक्ला से पूछा गया कि किस शासनादेश के तहत फूलचंद्र के ई रिक्शा पर कार्रवाई हुई। इस पर उन्होंने कहा कि शासनादेश के मुताबिक ही पुलिस की मौजूदगी में चेकिंग की गई। संबंधित रिक्शा का कोई नंबर या कागज ही नहीं मिला ऐसे में यह रिक्शा किसका है यह भी स्पष्ट नहीं हो सका।
पीटीओ दीप्ति त्रिपाठी से पूछा गया कि रुपये मांगने के आरोपों में क्या कहना है तो उन्होंने दो टूक कहा कि इसका कोई सबूत नहीं है। जिसे भी पकड़ा गया, उससे कागजात लाने के लिए कहा गया। इसके अलावा कोई भी आरोप सही नहीं। जांच के दिन मौजूद कोतवाली पुलिस टीम के सदस्यों के भी बयान लिए गए। इसके बाद पीड़ित पक्ष की ओर से मृतक की पत्नी व उसके भाई के भी बयान दर्ज हुए। बयान लेने वाली टीम ने बताया कि पूरी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।