चित्रकूट। मंदाकिनी नदी के किनारे बसे रामघाट के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। हर साल बाढ़ की मार झेलने वाले रामघाट के 280 दुकानों और मकानों को अब सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी कवायद शुरू कर दी है।
मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने पर सबसे ज्यादा असर रामघाट पर पड़ता है। इस साल अगस्त और सितंबर में ही 11 बार नदी का जलस्तर बढ़ा। हर बार रामघाट की दुकानों और घरों में पानी घुस गया। 29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में तो कई परिवार घरों में फंस गए थे। दुकानों में रखा सामान खराब हो गया और लोगों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा।
इस साल करीब 50 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने डूब क्षेत्र में आने वाले 280 मकानों और दुकानों का चिह्नांकन किया है। अब इन परिवारों को रत्नावली मार्ग पर ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थान पर बसाने की योजना है। यहां दुकानदारों के लिए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जबकि रहने के लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी। (संवाद)
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रामघाट छोड़ेंगे तो दुकान कैसे चलेगी, दुकानदारों में असमंजस
चित्रकूट। प्रशासन की शिफ्टिंग योजना के बीच रामघाट के दुकानदारों को रोजी-रोटी की चिंता सता रही है। दुकानदार रिषभ, अमित और शनि का कहना है कि रामघाट में होने से ही कारोबार चलता है, यहीं उनका घर भी है। ऐसे में उन्हें कहां और कैसे बसाया जाएगा, यह स्पष्ट होना जरूरी है।
दुकान भी रहेगी, घर भी मिलेगा
रामघाट डूब क्षेत्र में करीब 280 मकानों और दुकानों का चिह्नांकन किया गया है। प्रभावित दुकानदारों के लिए रत्नावली मार्ग पर ऊंचाई वाले स्थान पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर दुकानें उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के रहने के लिए आवास की व्यवस्था भी की जाएगी। इसी सिलसिले में रविवार को दुकानदारों और मकान मालिकों से बातचीत की गई। इससे उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझकर आगे की कार्रवाई की जा सके। - अजय कुमार यादव, एसडीएम कर्वी।