तीर्थक्षेत्र में पौष अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं
ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। मनौती पूरी होने की कामना लेकर श्रद्धालुओं ने
कामदगिरी की भी परिक्रमा लगाई।
पौष अमावस्या शनिवार को पड़ने के कारण
इसे शनिचरी अमावस्या भी कहा गया। एक दिन पूर्व से तीर्थक्षेत्र में
श्रद्धालुओं का जमावड़ा शुरू हो गया था।
पौष अमावस्या पर मंदाकिनी में
डुबकी लगाने को श्रद्धालु शनिवार को भोर से ही रामघाट में जुट गए। सूर्योदय
होने तक लाखों श्रद्धालु स्नान कर कामदगिरी परिक्रमा लगाने पहुंच गए।
दिनभर परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। रेलवे स्टेशन व बस
स्टैंड पर भी श्रद्धालुओं को भारी भीड़ रही। जिलाधिकारी नीलम अहलावत व
पुलिस अधीक्षक केके चौधरी समेत सभी जोनल मजिस्ट्रेट मेला क्षेत्र की
निगरानी करते रहे।
बताया गया है कि अमावस्या का स्नान का आज भी जारी रहेगा।
भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास ने बताया कि पौष अमावस्या का मुख्य
मुहुर्त शनिवार को देर रात से होने के कारण स्नान दानी का महत्व आज प्रथम
पहर तक भी रहेगा।