चित्रकूट। पूर्व विधायक अब्बास अंसारी समेत उसके चार अन्य सहयोगियों पर चल रहे गैंगस्टर मामले में कुर्की की कार्रवाई के कागजात समय से पेश न करने पर अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश) रवि कुमार दिवाकर ने एसपी, सीओ व विवेचक को फटकार लगाई है।
सुनवाई के दौरान शनिवार को विशेष न्यायाधीश ने कहा कि सही पैरवी नहीं की गई। पूरे कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए। इसे दंडनीय अपराध मानकर विभागीय कार्रवाई के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा है।
माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र पूर्व विधायक अब्बास अंसारी के अलावा कर्वी के फराज खान, नवनीत सचान, वाराणसी निवासी शहबाज खान व गाजीपुर निवासी नियाज अंसारी पर पुलिस ने 31 अगस्त 2024 को गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी। इसके बाद 30 नवंबर 2024 को आरोप पत्र दाखिल कर कुर्की की कार्रवाई का वारंट लिया था। इसी मामले में अपर सत्र न्यायाधीशने शनिवार को कहा कि आठ माह बाद भी पुलिस ने कुर्की की अगली कार्रवाई के लिए अदालत में आरोपियों के पूरे कागजात व विवरण प्रस्तुत नहीं किए। यह नियमों के विपरीत है।
आरोपियों को अनुचित तरीके से लाभ दिलाने की आशंका जताई। इस पर चित्रकूट एसपी अरुण कुमार सिंह, सीओ राजकमल व विवेचक सरधुआ थाना प्रभारी रामसिंह की लापरवाही प्रतीत होती है।
इसे दंडनीय अपराध की श्रेणी में मानते हुए तीनों के खिलाफ डीजीपी, मुख्य सचिव व एडीजी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।