चित्रकूट। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मी यदि महामारी के शिकार हो गए और उनके साथ कोई दुर्घटना घटती है तो ऐसी स्थिति में उनके आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में 50 लाख रुपये दिए जाएंगे। ऐसा प्रावधान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत किया गया है। इसके अलावा डाक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ व एंबुलेंस चालक भी योजना से लाभान्वित होंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा विनोद कुमार यादव ने बताया बीमा की यह सुविधा चिकित्सकों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ , एंबुलेंस चालकों समेत अन्य सभी स्वास्थ्यकर्मियों को भी दी जाएगी। इसके साथ डब्ल्यूएचओ, यूनीसेफ यूपीटीएसयू के कर्मियों भी योजना का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कोरोना की लड़ाई में जुटे सभी स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए इस योजना को लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की सचिव वी हिकाली झिमोमी ने संबंधित सभी मुख्य
चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर आदेशित किया है। पत्र में कहा है कि योजना के तहत सरकारी अस्पतालों व चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत या वह चिकित्साकर्मी जो कोरोना की रोकथाम और चिकित्सा कार्य से जुड़े हैं, उन्हें विशेष बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना के मुताबिक यदि कोई स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित होकर दुर्घटना का शिकार होता है तो उसे 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी। बीमा योजना के लाभ के लिए दावा प्रपत्र देना होगा। शासन के आदेश का क्रियान्वयन कराया जाएगा। उन्होंने
बताया कि कोविड-19 की रोकथाम, उपचार व उससे बचाव में जुटे स्वास्थ्य कर्मचारियों में कोरोना के होने की आशंका रहती है। उनमें संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। सरकार की इस व्यवस्था से कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा रहेगा और वह पूरी जिम्मेदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करेंगे। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को इससे अवगत कराते हुए उन्हें संबंधित की सैंपलिंग, इलाज पूरी जिम्मेदारी से करने के लिए कहा गया है।