12 साल के रिकाॅर्ड की जांच के दायरे में भी आएंगे चार कोषाधिकारी
सुधीर अग्रवाल
चित्रकूट। कोषागार घोटाले में अब पिछले 12 साल के रिकाॅर्ड की जांच कराई जाएगी। अब तक सिर्फ 2018 से अभी तक की जांच हो रही थी। कोषागार विभाग व एसआईटी का मानना है कि पूर्व के आंकड़ों का मिलान करने से पूरा घोटाला सामने लाने में मदद मिलेगी।
कोषागार घोटाला मामला सामने आने के दौरान ही यह बात सामने आई थीं कि जांच का दायरा बढ़ना चाहिए क्योंकि पहले भी घोटाले की आश्ंका थी। अब तक 10 ऐसे मृतकों के खाते मिले हैं जिनका संचालन बिचौलिए या कोई अन्य कर रहा है। 2014 से जांच शुरू होगी तो दायरे में वर्तमान कोषाधिकारी रमेश सिंह के साथ कमलेश कुमार, शैलेश कुमार व संपूर्णानंद भी आएंगे। सूत्रों के अनुसार जांच टीम शैलेश, कमलेश व रमेश से पूछताछ कर चुकी है। अब जल्द ही संपूर्णानंद को भी बुलाया जा सकता है। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच में जहां भी संदेह होगा तो उसका दायरा तो बढाया ही जाएगा।
विधान सभा में सपा विधायक अनिल प्रधान द्वारा कोषागार घोटाले की जांच का मुद्दा उठाए जाने का जवाब कोषागार विभाग के अपर मुख्य सचिव से मांगा गया है। इसके बाद अपर मुख्य सचिव लखनऊ का पत्र मंगलवार को जिला मुख्यालय में मिला है। इसी आधार पर सुबह से लेकर शाम तक कोषागार विभाग में अपर जिलाधिकारी व वरिष्ठ कोषाधिकारी के साथ एसआईटी की टीम जवाब तैयार कराती रही। इस बीच मंगलवार को पेंशनर कमला देवी की जमानत अर्जी जिला जज कोर्ट ने खारिज कर दी।