देश में किसानों की बात करने वाला कोई नहीं है। आपदा पीड़ित किसानों को वाजिब मदद तक नहीं दी जा रही। इसके बाद भी केंद्र सरकार किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने में लगी है। ये बातें बसपा के बुंदेलखंड जोन कोआर्डिनेटर रामकिशोर वर्मा ने सोमवार को पटेल तिराहे पर पार्टी के धरना प्रदर्शन में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
भूमि अधिग्रहण कानून, किसानों के हितों की अनदेखी, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था आदि मुद्दों को लेकर आयोजित धरना प्रदर्शन में विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के सर्वे पर सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश का सर्वे दो दिन में ही हो गया। बुंदेलखंड का किसान हताश-निराश और भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है।
उन्होंने किसानों से अपना हक संघर्ष कर लेने की बात कही। बसपा विधायक चंद्रभान सिंह पटेल ने मांग की कि किसानों को बीघा की दर से मुआवजा दिया जाना चाहिए। चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र प्रभारी जगदीश प्रसाद गौतम ने कहा कि सरकारें किसान हितैषी होने का दावा तो कर रही हैं पर उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। सारा विकास सैफई में हो रहा है। मंडल कोआर्डिनेटर बीएम कुशवाहा ने सपा सरकार को असफल बताया। कौशलेंद्र कुमार वर्मा ने केंद्र और राज्य सरकारों पर किसानों को झूठे आश्वासन देने का आरोप लगाया।
धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामलखन निषाद ने की। संचालन सोनपाल वर्मा ने किया। मौके पर राज बहादुर वर्मा, दरबारी लाल वर्मा, मो. शफीक अहमद खान, जमुना पाल, रामसेवक शुक्ला, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश पटेल, रामेंद्र वर्मा, शक्तिप्रताप सिंह, राजकुमार सिंह पटेल, मो. नफीस अहमद खान आदि मौजूद रहे।
‘भाजपा के झूठ और पाखंड से डोल रही धरती’
चित्रकूट। पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा कि झूठ और पाखंड से भाजपा सरकार बनी है और इसी वजह से धरती डोल रही है। जिसका पांच करोड़ में सूट बिकता है, वह कहता है मैं चायवाला। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग आरक्षण खत्म करना चाह रहे हैं। मन की बात कहने वालों को किसानों की समस्याएं सुनने की फुरसत नहीं। उन्होंने सपा शासन में कानून व्यवस्था भंग होने की बात कही।
दो-दो विज्ञप्तियां जारी
धरना प्रदर्शन के बाद दो-दो विज्ञप्तियां जारी हुईं। एक तो बसपा नेता शक्ति सिंह ने बांटी तो दूसरी जिला यूनिट की तरफ से अध्यक्ष रामलखन निषाद ने जारी की। दोनों विज्ञप्तियों को लेकर अंदरखाने में अपने-अपने दावे किए गए।