चित्रकूट। चालू बजट वर्ष अब अलविदा कहने की ओर बढ़ रहा है। मार्च माह को समाप्ति होने में महज तीन रोज बचे हैं पर चित्रकूट जिले में सरकारी महकमे विकास की सौ फीसदी रकम खपा नहीं पाए। विभिन्न सरकारी विभागों को अभी 1.49 अरब की रकम खर्चना बाकी है। हालांकि इससे जनपद में विकास कार्य कराए जाएंगे।
वर्ष 2025-2026 में योगी सरकार ने सूबे में विकास की खूब योजनाएं बनाईं और इन्हें मंजूरी देकर बजट आवंटित किया। 27 मार्च तक सरकारी आंकड़ों के अनुसार चालू बजट साल में प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में जनपद को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 13.98 अरब रुपये से अधिक का बजट दिया था। इसके सापेक्ष आवंटित रकम में से सरकारी विभाग करीब 12.49 अरब रुपये ही खपा पाए। जबकि लोक निर्माण विभाग, ग्राम्य विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई विभाग के सरकारी खजाने में करोड़ों की रकम पड़ी है। इस रकम को खर्चने में अब शेष तीन दिन बचे हैं। हालांकि इन सरकारी महकमों को अभियान चलाकर मार्च क्लोजिंग के तहत शेष बजट को निपटाना होगा।
इन्हें खर्चनी सबसे ज्यादा रकम :
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग को इस वित्त वर्ष में एक अरब एक करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिला था। विभाग ने इसके सापेक्ष 62.27 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। अभी भी 39.15 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्चना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग को 58.42 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिला था। आवंटित बजट के सापेक्ष विभाग ने 53.54 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए, जबकि 4.87 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च करना बाकी है। इसी प्रकार सिंचाई विभाग को 40.47 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिला था। इसके सापेक्ष 32.27 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो पाए। 8.20 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय करना शेष है। शिक्षा विभाग को चार अरब 46 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित हुए थे। इसमें से विभाग अब तक चार अरब 44 करोड़ रुपये से अधिक ही खर्च कर पाया है, जबकि एक करोड़ 79 लाख रुपये से अधिक का बजट खपाना शेष है।
बजट खपाने में ये विभाग रहे अव्वल
चालू बजट साल में विकास कार्यों के लिए आवंटित रकम खर्चने में पांच सरकारी विभाग माहिर रहे। इनमें कारागार, लेखा परीक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सहकारिता विभाग शामिल हैं। इन्होंने शासन स्तर से अवमुक्त सौ फीसदी रकम खर्च कर दी है। 26 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने शतप्रतिशत रकम खपा दी थी।
बोले जिम्मेदार
शासन स्तर से लगातार विभागों को बजट जारी हो रहा है। जैसे-जैसे बजट आ रहा है, वैसे ही उनके बिल निपटाए जा रहे हैं। यह बजट मंगलवार तक जारी होता रहेगा।
-रमेश सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी।
मार्च माह चालू वित्त वर्ष का अंतिम माह है। सभी सरकारी विभागों को शासन स्तर से आवंटित बजट को हर हाल में मंगलवार तक खर्चने का प्रावधान है। अगर कोई विभाग तय समय में बजट खर्च नहीं कर पाता है, वो बजट लैप्स हो जाता है। आवंटित बजट की मॉनिटरिंग की जा रही है।
-डीपी पाल, सीडीओ।