तीर्थक्षेत्र के रघुनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावक्ता नवलेश दीक्षित ने बलराम और श्रीकृष्ण जन्म की कथा का विस्तृत वर्णन किया।
उन्होंने बलराम जन्म के बारे में बताया कि बलराम का जन्म रोहिणी के गर्भ से हुआ था। श्रीकृष्ण के बड़े भाई के रूप में बलराम के जन्म लेने के पीछे के रहस्य को बताते हुए कहा कि रामावतार में शेषनाग लक्ष्मण के रूप में जन्मे थे।
एक दिन शेषनाग उदास थे। नारायण ने उदासी का कारण पूछा तो उन्होेंने बताया कि मैंने लक्ष्मण के रूप में आपकी सेवा की है अब मुझे बड़ा बनाएं। इस पर भगवान ने कहा था कि द्वापर युग में ऐसा ही होगा।