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Chitrakoot News: खाद के लिए समितियों पर लंबी कतारें, खाद न मिलने से कई किसानों में मायूसी

Sun, 26 Oct 2025 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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12 सीकेटीपी-8- परिचय- खाद के लिए सहकारी केंद्र में लगी किसानों की लाइन । संवाद
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चित्रकूट। सहकारी समितियों पर खाद वितरण में मारा-मारी दिखी। रविवार को भी खाद पाने के लिए केंद्रों पर किसान लंबी लाइनों में खड़े नजर आए। सुबह से शाम तक कतारों में लगकर किसानों ने खाद पाई तो कई किसानों को खाद न मिलने से मायूसी हाथ लगी। ऐसे में वो बगैर खाद लिए घरों को लौट गए।
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रबी की फसल में गेहूं, सरसों की फसल के लिए किसानों को खाद की जरूरत है। इससे जिन केंद्रों में खाद दी जाती है। वहां इन दिनों किसानों की लंबी लाइन लग जाती है। सुबह से किसान खाद लेने के लिए डट जाते हैं। रविवार को 30 से अधिक केंद्रों में खाद का वितरण किया गया। जिले के इटखरी,रामपुर कल्यणगढ़, बिहरावा, कर्वी, खोही, पहाड़ी, लोहदा, सरधुआ, भदेदू, रामनगर, छीबो, बियावल, बरगढ़, पूरब पताई, रैंपुरा, कर्वी मंडी, सीतापुर ग्रामीण आदि केंद्रो में किसानों को खाद बांटी गई।
खोही गांव के किसान किशन लाल सिंह, लखन पाल ने बताया कि किसान डीएपी गेहूं व सरसों की फसल में डाली जाती है। कई किसानों ने बोआई भी कर दी है। यदि समय से खाद नहीं मिली तो फसल खराब हो जाएगी। नांदिन गांव के किसान सुरेश पटेल ने बताया कि खाद केंद्रों के प्रभारी अपने चहेतों को पहले खाद का वितरण करते हैं।
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किसानों की संख्या अधिक रहती
चित्रकूट। केंद्रों में तीन से चार सौ किसान एक दिन में पहुंच रहे है। जब कि खाद सौ से लेकर 150 किसानों को एक दिन में मिल पाती है। सहकारी समिति कर्वी के मनी लाल ने बताया कि रविवार को 100 किसानों कुल दो सौ बोरी खाद बांटी गई। रामपुर कल्यणगढ़ के सचिव रमेश यादव ने बताया कि 230 किसानों को खाद बांटी। बिहरवा के सचिव प्रेमचंद्र ने बताया कि पहले की अपेक्षा अब किसानों की संख्या कम रहती है। (संवाद)
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रुपये जमा करा लिए नहीं दी खाद
पहाड़ी। क्षेत्र के चौरा गांव निवासी रामलखन ने पहाड़ी थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया कि वह सहकारी केंद्र लोहदा में खाद लेने के लिए गए थे। वहां के प्रभारी व कर्मचारियों ने खाद के लिए रुपये तो जमा कर लिया खाद नहीं दी। कहा जा रहा कि तुमने रुपये नहीं दिया। थानाध्यक्ष पहाड़ी बताया कि किसान व सचिव के बीच समझौता हो गया है। किसान को खाद मिल गई है। (संवाद)

बोले जिम्मेदार

कर्मचारियों की कमी के कारण समस्या होती है।कुछ सहकारी केंद्रों का प्रभारी के पास तीन-तीन केंद्रों का प्रभार है। कहा कि दिसंबर माह तक खाद का वितरण किया जाएगा। किसान चिंता नहीं।
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राजेंद्र प्रसाद, उपायुक्त, सहकारिता विभाग
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